हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के बाद दिल्ली सरकार ने उनके बेटे अजय चौटाला को भी पैरोल देने से इनकार कर दिया। दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट को यह जानकारी दी है।
अदालत अजय चौटाला द्वारा पैरोल पर निर्णय नहीं लेने के आरोप संबंधी याचिका पर सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के अधिवक्ता ने अदालत में बताया कि अजय की अर्जी पर उन्होंने तिहाड़ जेल से उनका मेडिकल स्टेटस व अन्य जानकारी मांगी थी।
पेश रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने अजय चौटाला को पैरोल नहीं देने का फैसला लिया है। अदालत में अजय की तरफ से पेश अधिवक्ता ने कहा कि उन्हें सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है।
इसके अलावा वह समाज से न कटे इसके लिए भी पैरोल देना जरूरी है। अदालत ने दिल्ली सरकार को इस मुद्दे पर जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 24 नवंबर तय की है।
वर्ष 1999-2000 में जेबीटी शिक्षकों की भर्ती घोटाले में 22 जनवरी को रोहिणी कोर्ट स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला व उनके पुत्र अजय सिंह चौटाला सहित 10 लोगों को 10 साल कैद की सजा सुनाई थी। इस मामले में एक आरोपी पुष्करमल वर्मा को पांच साल कैद व 44 आरोपियों को चार-चार साल कैद की सजा सुनाई गई थी।
अदालत अजय चौटाला द्वारा पैरोल पर निर्णय नहीं लेने के आरोप संबंधी याचिका पर सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के अधिवक्ता ने अदालत में बताया कि अजय की अर्जी पर उन्होंने तिहाड़ जेल से उनका मेडिकल स्टेटस व अन्य जानकारी मांगी थी।
पेश रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने अजय चौटाला को पैरोल नहीं देने का फैसला लिया है। अदालत में अजय की तरफ से पेश अधिवक्ता ने कहा कि उन्हें सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है।
इस पर अदालत ने सरकार के अधिवक्ता को निर्देश दिया की वह अपने फैसले से संबंधित दस्तावेज इन्हें सौंपे। इससे पूर्व चौटाला के अधिवक्ता ने कहा कि उनका मुवक्किल एक वर्ष से ज्यादा अवधि से जेल में होने के आधार पर पैरोल का हकदार है।
इसके अलावा वह समाज से न कटे इसके लिए भी पैरोल देना जरूरी है। अदालत ने दिल्ली सरकार को इस मुद्दे पर जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 24 नवंबर तय की है।
वर्ष 1999-2000 में जेबीटी शिक्षकों की भर्ती घोटाले में 22 जनवरी को रोहिणी कोर्ट स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला व उनके पुत्र अजय सिंह चौटाला सहित 10 लोगों को 10 साल कैद की सजा सुनाई थी। इस मामले में एक आरोपी पुष्करमल वर्मा को पांच साल कैद व 44 आरोपियों को चार-चार साल कैद की सजा सुनाई गई थी।
