दिल्ली सरकार और उसकी तरफ से गठित समिति निजी स्कूलों के कान खींच सकेंगी। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने विपक्ष के हंगामे और वॉकआउट के बीच शुक्रवार को निजी स्कूलों के बही खातों की जांच से लेकर नर्सरी दाखिले पर कानूनी पहरा बैठाने के लिए एक संशोधन विधेयक और एक नया विधेयक पेश किया है।
दोनों विधेयक चर्चा के बाद पास किए जाएंगे, जिन्हें अंतिम स्वीकृति के लिए उपराज्यपाल के माध्यम से केन्द्र सरकार को भेजना होगा। सरकार ने दिल्ली विद्यालय शिक्षा (संशोधन) विधेयक, 2015 में पहली कक्षा की जगह एंट्री लेवल (प्री-प्राइमरी या प्री-स्कूल) कर दिया गया है।
मसलन जहां 6 साल से कम आयु के बच्चे का दाखिला होता है, वहां उसी स्तर से दिल्ली विद्यालय शिक्षा अधिनियम, 1973 की धारा 2 में कर दिया गया है। अधिनियम में एंट्री लेवल पर इंटरव्यू व डोनेशन के लिए पांच से दस लाख रुपये तक जुर्माना व तीन साल तक सजा का प्रावधान है।
दोनों विधेयक चर्चा के बाद पास किए जाएंगे, जिन्हें अंतिम स्वीकृति के लिए उपराज्यपाल के माध्यम से केन्द्र सरकार को भेजना होगा। सरकार ने दिल्ली विद्यालय शिक्षा (संशोधन) विधेयक, 2015 में पहली कक्षा की जगह एंट्री लेवल (प्री-प्राइमरी या प्री-स्कूल) कर दिया गया है।
मसलन जहां 6 साल से कम आयु के बच्चे का दाखिला होता है, वहां उसी स्तर से दिल्ली विद्यालय शिक्षा अधिनियम, 1973 की धारा 2 में कर दिया गया है। अधिनियम में एंट्री लेवल पर इंटरव्यू व डोनेशन के लिए पांच से दस लाख रुपये तक जुर्माना व तीन साल तक सजा का प्रावधान है।