स्वराज अभियान के अहम सदस्य और पूर्व आप नेता योगेन्द्र यादव को दिल्ली पुलिस ने उनके समर्थकों के साथ रिहा कर दिया है। पुलिस ने योगेन्द्र को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए योगेन्द्र यादव और उनके 90 समर्थकों को रिहा करने का आदेश दिया। पुलिस ने मामले में दिल्ली के तिमारपुस से विधायक पंकज पुष्कर को भी गिरफ्तार किया था।
योगेन्द्र यादव को मीडिया से किसान रैली और प्रदर्शन के दौरान खींचकर और धक्का-मुक्की के बाद गिरफ्तार किया गया था। इतना ही नहीं जेल में भी उनसे किसी को मिलने नहीं दिया गया।
पुलिस ने हालांकि सफाई देते हुए कहा था कि धारा 144 लागू होने के कारण योगेन्द्र और उनके समर्थकों को गिरफ्तार किया गया। जबकि उन्हें रैली करने की अनुमति भी नहीं मिली थी।
जेल से बाहर आने के बाद योगेन्द्र यागव ने कहा कि उन्हें एसएचओ ने जान से मारने की धमकी दी और थाने में उन्हें थप्पड़ भी मारा गया था।
उन्हें आज जब सुबह मीडिया से बात करने के जुर्म में एसएचओ ने घसीटकर अंदर किया। लेकिन योगेन्द्र यादव ने ये कहते हुए खुशी जताई कि उन्हें कोर्ट ने सभी आरोपों से पूरी तरह मुक्त कर दिया है।
जेल से बाहर आने के बाद योगेन्द्र यागव ने कहा कि उन्हें एसएचओ ने जान से मारने की धमकी दी और थाने में उन्हें थप्पड़ भी मारा गया था।
उन्हें आज जब सुबह मीडिया से बात करने के जुर्म में एसएचओ ने घसीटकर अंदर किया। लेकिन योगेन्द्र यादव ने ये कहते हुए खुशी जताई कि उन्हें कोर्ट ने सभी आरोपों से पूरी तरह मुक्त कर दिया है।
