अगर आप होनहार हैं, पढ़ना चाहते हैं, लेकिन पैसों की कमी की वजह से पढ़ नहीं पा रहे हैं। अच्छे खिलाड़ी हैं, मगर पैसों की वजह से अड़चन आ रही है। गंभीर रोग से ग्रस्त हैं, इलाज के पैसे नहीं हैं।
बेटी की शादी करनी है, मगर पैसों की किल्लत है, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। गाजियाबाद प्रशासन ने एक विकास समिति का गठन किया है, जो ऐसे लोगों को चिंहित कर उनकी मदद करेगी। इस समिति में जिले के दानदाता पैसा देंगे। इन दानदाताओं की प्रशासन श्रेणियां बांटेगा।
समिति की सदस्यता के लिए 10 हजार रुपये से शुरुआत होगी। 10 हजार से एक लाख रुपये तक देने वाले को ब्रॉज, पांच लाख देने वाले को सिल्वर, 10 लाख रुपये देने वाले को गोल्ड, 20 लाख रुपये देने वाले को डायमंड और 50 लाख रुपये देने वाले प्लेटिनम श्रेणी में रखा जाएगा।
इस समिति का खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया राजनगर में है, जो गाजियाबाद विकास समिति के नाम से है।
डीएम ने इस संबंध में पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखा है, जिसमें उनसे कहा गया है कि वे जिले के मोअजिज लोगों को समिति का सदस्य बनने के लिए प्रेरित करें, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की मदद हो सके। एक अगस्त को इस संबंध में कलक्ट्रेट में बैठक भी हुई है।
बेटी की शादी करनी है, मगर पैसों की किल्लत है, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। गाजियाबाद प्रशासन ने एक विकास समिति का गठन किया है, जो ऐसे लोगों को चिंहित कर उनकी मदद करेगी। इस समिति में जिले के दानदाता पैसा देंगे। इन दानदाताओं की प्रशासन श्रेणियां बांटेगा।
समिति की सदस्यता के लिए 10 हजार रुपये से शुरुआत होगी। 10 हजार से एक लाख रुपये तक देने वाले को ब्रॉज, पांच लाख देने वाले को सिल्वर, 10 लाख रुपये देने वाले को गोल्ड, 20 लाख रुपये देने वाले को डायमंड और 50 लाख रुपये देने वाले प्लेटिनम श्रेणी में रखा जाएगा।
इस समिति का खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया राजनगर में है, जो गाजियाबाद विकास समिति के नाम से है।
डीएम ने इस संबंध में पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखा है, जिसमें उनसे कहा गया है कि वे जिले के मोअजिज लोगों को समिति का सदस्य बनने के लिए प्रेरित करें, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की मदद हो सके। एक अगस्त को इस संबंध में कलक्ट्रेट में बैठक भी हुई है।
