Neither Bill nor meters, indiscriminately electricity waste in sacchidanand bungalow / ना बिल, ना मीटर, फूंकी जा रही सच्चिदानंद के बंगले में बिजली

Swati
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नोएडा के सेक्टर- 41 के सी ब्लॉक स्थित सचिन दत्ता उर्फ सच्चिदानंद गिरि की कोठी में बिजली की खपत पर विजलेंस विभाग की नजर है। आरडब्लूए के मुताबिक,सचिन दत्ता के घर में कई एसी लगे हैं।

दिन में भी कोठी परिसर में लगे बल्ब जलते रहते हैं। बिजली विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, सचिन दत्ता के पिता राजेंद्र कुमार दत्ता बिजली विभाग में सहायक अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हैं।

नियम के मुताबिक, बिजली विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को जीवन भर एक फिक्स चार्ज पर बिजली दी जाती है। यह फिक्स चार्ज काफी कम है।

इस नियम की सुविधा के मुताबिक, सहायक अभियंता प्रति माह पांच किलोवॉट लोड इस्तेमाल कर सकते हैं। बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस कोठी में बिजली का कनेक्शन राजेंद्र कुमार दत्ता के नाम पर है।

वहीं, आरडब्लूए का कहना है कि� कोठी के पते पर सचिन दत्ता का नाम दर्ज है। अब सवाल यह उठता है कि कोठी यदि सचिन दत्ता के नाम पर है तो बिजली का कनेक्शन उनके पिता के नाम पर कैसे हो गया।

यदि कोठी उसके पिता के नाम पर है या उन्होंने बिजली विभाग में इस जानकारी के साथ कि वह अपने बेटे के साथ रहते हैं,बिजली का कनेक्शन लिया है तब भी ज्यादा लोड पर अंधाधुंध बिजली कैसे खर्च की जा रही है।

बिजली विभाग के अधिकारियों को जीवन भर मिलने वाली बिजली की इस सुविधा में उनके घर में मीटर लगाना भी अनिवार्य नहीं है।

बिजली विभाग के विजलेंस इंस्पेक्टर तेजेंदर सिंह का कहना है कि पूरा मामला जांच का विषय है। पिता यदि वहां रहते भी हैं, तब भी पांच किलोवॉट से ज्यादा लोड नहीं होना चाहिए।

यदि लोड इससे ज्यादा है तो यह अपराध है। मीटर भले ही न लगाया जाए, लेकिन एसी की संख्या से लोड स्पष्ट हो जाता है। शुक्रवार को टीम वहां जाएगी। पांच किलोवॉट से ज्यादा लोड मिला तो जुर्माना के साथ साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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