रूपवास गांव में एक सप्ताह पहले मिले अजगर को ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को दादरी तहसील में तहसीलदार को सौंप दिया। तहसीलदार ने वन विभाग के अधिकारियों को बुलाकर अजगर उनके सुपुर्द कर दिया।
रूपवास गांव के जंगल में करीब एक सप्ताह पहले एक अजगर मिला था। दौलतराम कॉलोनी निवासी सत्ते अजगर को पकड़कर अपने घर ले गया था। इसकी जानकारी प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों को भी दी गई लेकिन एक सप्ताह तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।
इसके बाद बृहस्पतिवार को सत्ते अजगर को बोरी में बंद कर तहसील ले गया। वहां उसने उसे बोरी से बाहर निकालकर तहसीलदार प्रवीन यादव के सुपुर्द कर दिया। सत्ते ने बताया कि अजगर कई दिन से भूखा होने के कारण कमजोर हो गया है इसलिए उसे जंगल में नहीं छोड़ा जा सकता है।
अजगर की लंबाई करीब आठ फीट है। उसे वन विभाग के कर्मचारी अपने साथ ले गए। वहीं, बोरी से निकलते ही अजगर तहसील परिसर में भागने लगा, जिसे देखने के लिए भीड़ जमा हो गई।
रूपवास गांव के जंगल में करीब एक सप्ताह पहले एक अजगर मिला था। दौलतराम कॉलोनी निवासी सत्ते अजगर को पकड़कर अपने घर ले गया था। इसकी जानकारी प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों को भी दी गई लेकिन एक सप्ताह तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।
इसके बाद बृहस्पतिवार को सत्ते अजगर को बोरी में बंद कर तहसील ले गया। वहां उसने उसे बोरी से बाहर निकालकर तहसीलदार प्रवीन यादव के सुपुर्द कर दिया। सत्ते ने बताया कि अजगर कई दिन से भूखा होने के कारण कमजोर हो गया है इसलिए उसे जंगल में नहीं छोड़ा जा सकता है।
अजगर की लंबाई करीब आठ फीट है। उसे वन विभाग के कर्मचारी अपने साथ ले गए। वहीं, बोरी से निकलते ही अजगर तहसील परिसर में भागने लगा, जिसे देखने के लिए भीड़ जमा हो गई।
