पंजाब के गुरदासपुर के दीनानगर पुलिस स्टेशन पर हुए आतंकी हमले में आतंकियों का पाकिस्तानी कनेक्शन साबित हुआ। फिदायीन हमले में मारे गए तीनों आतंकियों ने मेड इन पाकिस्तान दस्ताने पहन रखे थे। यह जानकारी रविवार को बार्डर रेंज के आईजी ईश्वर चंद्र ने दी।
आईजी ने बताया कि आतंकियों के पास से मिला राकेट इतना शक्तिशाली था कि इससे एक इमारत को उड़ाया जा सकता था। उन्होंने बताया कि डीएलआर हथियार के निरीक्षण के बाद सेना ने इसे रावी दरिया के पास मकोड़ा पतन में नष्ट कर दिया। आईजी ने बताया कि आतंकियों के पास से एक डीएलआर जिसमें राकेट भरा हुआ था, तीन एके-56 21 मैगजीन ,89 कारतूस, दो जीपीएस, नाइट डिवाइस और कुछ ग्रेनेड बरामद किए गए हैं।
आईजी ने बताया कि अब तक की जांच में जो बातें सामने आई हैं उससे स्पष्ट होता है कि आतंकियों का मुख्य लक्ष्य किसी बड़ी घटना को अंजाम देना था। इस मौके पर जिला पुलिस अधीक्षक गुरप्रीत सिंह तूर, एएसपी अखिल चौधरी भी उपस्थित थे।
आईजी ने बताया कि आतंकियों के पास से मिले जीपीएस की जांच में पता चला है कि इसमें दीनानगर शहर को 21 जुलाई को लोड किया गया था। इससे स्पष्ट होता है कि आतंकियों ने इस हमले की योजना को अंजाम देने पर काम 21 जुलाई से ही शुरू कर दिया था।
आतंकी 21 से 27 जुलाई तक कहां रहे इसकी गहनता से जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि जांच में यह बात सामने आई है कि आतंकी बामियाल के आसपास के इलाके से भारत की सीमा में घुसे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस सीमा पर बसे सभी गुज्जरों को डाटा तैयार कर तलाशी अभियान चला रही है।
आईजी ने बताया कि आतंकियों के पास से मिला राकेट इतना शक्तिशाली था कि इससे एक इमारत को उड़ाया जा सकता था। उन्होंने बताया कि डीएलआर हथियार के निरीक्षण के बाद सेना ने इसे रावी दरिया के पास मकोड़ा पतन में नष्ट कर दिया। आईजी ने बताया कि आतंकियों के पास से एक डीएलआर जिसमें राकेट भरा हुआ था, तीन एके-56 21 मैगजीन ,89 कारतूस, दो जीपीएस, नाइट डिवाइस और कुछ ग्रेनेड बरामद किए गए हैं।
आईजी ने बताया कि अब तक की जांच में जो बातें सामने आई हैं उससे स्पष्ट होता है कि आतंकियों का मुख्य लक्ष्य किसी बड़ी घटना को अंजाम देना था। इस मौके पर जिला पुलिस अधीक्षक गुरप्रीत सिंह तूर, एएसपी अखिल चौधरी भी उपस्थित थे।
आईजी ने बताया कि आतंकियों के पास से मिले जीपीएस की जांच में पता चला है कि इसमें दीनानगर शहर को 21 जुलाई को लोड किया गया था। इससे स्पष्ट होता है कि आतंकियों ने इस हमले की योजना को अंजाम देने पर काम 21 जुलाई से ही शुरू कर दिया था।
आतंकी 21 से 27 जुलाई तक कहां रहे इसकी गहनता से जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि जांच में यह बात सामने आई है कि आतंकी बामियाल के आसपास के इलाके से भारत की सीमा में घुसे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस सीमा पर बसे सभी गुज्जरों को डाटा तैयार कर तलाशी अभियान चला रही है।
