वसंत कुंज में रहने वाला प्रदीप अपनी घायल भांजी को दिल्ली पुलिस के सिपाही के साथ लहूलुहान अवस्था में एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल लेकर घूमता रहा।
मगर एम्स, ट्रामा सेंटर और सफदरजंग अस्पताल ने बच्ची को भर्ती करने से मना कर दिया। प्रदीप ने जब 100 नंबर पर कॉल की जब बच्ची को एम्स में भर्ती कराया गया।
एम्स में बच्ची को मृत घोषित कर दिया। हालांकि ये जांच का विषय है कि बच्ची की मौत सड़क दुर्घटना के समय ही हो गई थी या फिर समय पर उपचार न मिलने की वजह से बच्ची ने दम तोड़ दिया।
नेहा बुधवार दोपहर को घर के बाहर खेल रही थी। इस दौरान उसे आईसर टेंपो ने कुचल दिया। बच्ची के मामा प्रदीप ने इसकी सूचना पुलिस को दोपहर 2:20 बजे दी।
पुलिस बिना डॉक्टरों के बच्ची को मृत नहीं बता सकती थी। अत: वसंतकुंज (साउथ) थाने में तैनात सिपाही पृथ्वीराज बच्ची के मामा प्रदीप के साथ बच्ची को एम्स ले गए।
मगर एम्स, ट्रामा सेंटर और सफदरजंग अस्पताल ने बच्ची को भर्ती करने से मना कर दिया। प्रदीप ने जब 100 नंबर पर कॉल की जब बच्ची को एम्स में भर्ती कराया गया।
एम्स में बच्ची को मृत घोषित कर दिया। हालांकि ये जांच का विषय है कि बच्ची की मौत सड़क दुर्घटना के समय ही हो गई थी या फिर समय पर उपचार न मिलने की वजह से बच्ची ने दम तोड़ दिया।
वसंतकुंज (साउथ) थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार कपिल अपनी बेटी नेहा (8) और परिवार के साथ पूर्व निगम पार्षद विमला चौधरी के आवास के पास रंगपुरी में रहता है।
नेहा बुधवार दोपहर को घर के बाहर खेल रही थी। इस दौरान उसे आईसर टेंपो ने कुचल दिया। बच्ची के मामा प्रदीप ने इसकी सूचना पुलिस को दोपहर 2:20 बजे दी।
पुलिस बिना डॉक्टरों के बच्ची को मृत नहीं बता सकती थी। अत: वसंतकुंज (साउथ) थाने में तैनात सिपाही पृथ्वीराज बच्ची के मामा प्रदीप के साथ बच्ची को एम्स ले गए।
