सड़क पर घूमते सांड ने सोमवार को फिर एक व्यक्ति की जान ले ली। बजरिया में सांड ने एक 60 साल के बुजुर्ग को टक्कर मार दी। सांड की टक्कर से बुजुर्ग बेहोश हो गए। लोगों ने उसे एमएमजी अस्पताल पहुंचाया।
यहां डॉक्टरों ने� मृत घोषित कर दिया। इससे पहले भी शहर की सड़कों पर घूमते सांड कई लोगों की जान ले चुके हैं।
मूलरूप से हाथरस निवासी राजेंद्र उर्फ राजू (60) गाजियाबाद में किराए की रिक्शा चलाते थे और अकेले ही रहते थे।� रिक्शा मालिक आमिर ने बताया कि सोमवार शाम करीब 7:30 बजे बजरिया में दो सांड लड़ रहे थे।
इसी दौरान राजेंद्र वहां से गुजर रहे थे। वह उनकी चपेट में आ गए और एक सांड ने उन्हें टक्कर मार दी।
सांड की टक्कर से वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। इस दौरान सांड का पैर उनके सीने पर पड़ गया। सूचना पर पहुंचे आमिर ने लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों का कहना है कि राजू की छाती में अंदरूनी चोट की वजह मौत हुई है। राजेंद्र के परिजनों को सूचना दे दी गई है।
दिखावा बना निगम का कैटल कैचिंग दस्ता
नगर निगम में आवारा सांडों को पकड़ने के लिए कैटल कैचिंग दस्ता गठित है। इस दस्ते को संसाधनों से लैस किया गया है। बावजूद इसके शहर में सांडों को नहीं पकड़ा जा रहा है। किसी हादसे के बाद ही निगम का यह दस्ता कभी-कभार सक्रिय दिखाई देता है।
पहले भी काल बने सांड
06 जुलाई 2015, स्कूटी पर जा रहे युवक मनीत की सांड की टक्कर से मौत
वर्ष 2014 में मॉर्निंग वाॅक पर निकले अर्जुन नगर के बुजुर्ग की सांड की टक्कर से मौत
वर्ष 2014 डासना गेट निवासी बुजुर्ग को सांड ने टक्कर मारकर मौत के घाट उतारा
मार्च 2014 कविनगर रामलीला मैदान के पास सांड ने स्कूटी सवार युवती को टक्कर मारी
वर्ष 2013 ब्रिज विहार में सांड ने दुकानदार को टक्कर मारी
वर्ष 2013 वैशाली में बुजुर्ग की सांड की टक्कर से मौत
यहां डॉक्टरों ने� मृत घोषित कर दिया। इससे पहले भी शहर की सड़कों पर घूमते सांड कई लोगों की जान ले चुके हैं।
मूलरूप से हाथरस निवासी राजेंद्र उर्फ राजू (60) गाजियाबाद में किराए की रिक्शा चलाते थे और अकेले ही रहते थे।� रिक्शा मालिक आमिर ने बताया कि सोमवार शाम करीब 7:30 बजे बजरिया में दो सांड लड़ रहे थे।
इसी दौरान राजेंद्र वहां से गुजर रहे थे। वह उनकी चपेट में आ गए और एक सांड ने उन्हें टक्कर मार दी।
सांड की टक्कर से वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। इस दौरान सांड का पैर उनके सीने पर पड़ गया। सूचना पर पहुंचे आमिर ने लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों का कहना है कि राजू की छाती में अंदरूनी चोट की वजह मौत हुई है। राजेंद्र के परिजनों को सूचना दे दी गई है।
दिखावा बना निगम का कैटल कैचिंग दस्ता
नगर निगम में आवारा सांडों को पकड़ने के लिए कैटल कैचिंग दस्ता गठित है। इस दस्ते को संसाधनों से लैस किया गया है। बावजूद इसके शहर में सांडों को नहीं पकड़ा जा रहा है। किसी हादसे के बाद ही निगम का यह दस्ता कभी-कभार सक्रिय दिखाई देता है।
पहले भी काल बने सांड
06 जुलाई 2015, स्कूटी पर जा रहे युवक मनीत की सांड की टक्कर से मौत
वर्ष 2014 में मॉर्निंग वाॅक पर निकले अर्जुन नगर के बुजुर्ग की सांड की टक्कर से मौत
वर्ष 2014 डासना गेट निवासी बुजुर्ग को सांड ने टक्कर मारकर मौत के घाट उतारा
मार्च 2014 कविनगर रामलीला मैदान के पास सांड ने स्कूटी सवार युवती को टक्कर मारी
वर्ष 2013 ब्रिज विहार में सांड ने दुकानदार को टक्कर मारी
वर्ष 2013 वैशाली में बुजुर्ग की सांड की टक्कर से मौत
