टेक्नोलॉजी ने हमारी जिंदगी को इतना ज्यादा स्मार्ट बना दिया है कि बाजार कब उठकर आपकी उंगलियों में समा गया, पता नहीं चला। टेक्नोलॉजी आने से पहले खरीदारी करना इतना सहूलियत भरा कभी नहीं था।
ई.कामर्स इसी टेक्नोलॉजी की देन है। इसने जहां दुकानदार को 24 घंटे अपना सामान बेचने की छूट दी है वहीं दूसरी तरफ उपभोक्ता को भी 24 घंटे खरीददारी करने की छूट दी है। घर बैठे मनपसंद चीजें तलाशना, चुनना और बाजार से कम मूल्य में खरीददारी की आजादी टेक्नोलॉजी की बदौलत पूरी हो पाई है।
अब सामान चुनने या पसंद� करने के लिए घंटों बाजार में टांगे दुखाने की जरूरत नहीं। अपने कंप्यूटर या स्मार्टफोन में शॉपिंग ऐप्स डाउनलोड कीजिए और दुनिया भर के ब्रांड्स और डिजाइन में अपनी पसंद की चीज चुन लीजिए।
संगीता को अपने लिए पार्टी ड्रेस चाहिए तो उसे बाजार जाकर विंडो शॉपिंग की जरूरत नहीं। वो शॉपिंग ऐप्स पर जाकर अपनी पसंद की ड्रेस चुनेगी। मेजरमेंट के लिए ऐप्स पर सभी तरह के साइज उपलब्ध होंगे। संगीता को पसंदीदा ड्रेस का फैब्रिक, साइज, ब्रांड का नाम आदि की जानकारी वहीं एक क्लिक पर मिलेगी। संगीता अपने साइज के कपड़ों को हर एंगल से देख कर पसंदीदा ड्रेस चुनेनी और तुरंत आर्डर करेगी।
अगर संगीता को ये देखना है कि ड्रेस उस पर कैसी लगेगी, इस सवाल का भी हल है। उसे बस अपनी एक फुल साइज फोटो खींचकर एप पर सेंड करनी होगी और संगीता उसी ड्रेस में अपनी तस्वीर देख पाएगी।
लगभग हर ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर और बड़े ब्रांड्स ने अपने ऐप्स बनाए हैं जिसके जरिए लगभग हर सामान, बीसियों तरह के ब्रांड और कई तरह के साइज और शेप में आपके फोन पर ही उपलब्ध है बस एक क्लिक की दूरी पर।
टेक्नोलॉजी ने शॉपिंग यानी खरीदारी को चुटकियों का खेल बना दिया है। वो दिन गए जब बाजार जाकर आपको हाथों में बड़े बड़े बैग थामे दुकानों के चक्कर लगाने पड़ते थे। मोलभाव करना एक सिरदर्द था। लेकिन टेक्नोलॉजी के चलते घर बैठे शॉपिंग संभव हो गई है।
एक तरफ टीवी शॉपिंग और दूसरी तरफ ऑनलाइन शॉपिंग ने बाजार और मॉल को हाशिए पर लाकर खड़ा कर दिया है। घर हो या दफ्तर कहीं भी बैठकर खरीदारी कीजिए।
ई कॉमर्स कंपनियों की बेवसाइट और शॉपिंग ऐप्स ने शॉपिंग को बहुत आसान कर दिया है। इलेक्टॉनिक्स, होम अपलायंस, ज्वैलरी, कपड़े, बच्चों के सामान, उपहार देने लायक सामान, यहां तक कि कार से लेकर मकान तक सब कुछ आपको एक ही जगह पर मिल जाएगा। बस आपको तय करना है कि क्या खरीदना है।
मोलभाव करने की भी जरूरत नहीं, कई ब्रांड्स और ई कॉमर्स कंपनियां समय समय पर लुभावने और फायदेमंद ऑफर निकालती रहती है जिसके जरिए आप अपने सामान पर 5 से लेकर 50 परसेंट की तक छूट पा सकते हैं। ज्यादा खरीदारी करने पर डिस्काउंट कूपन का भी चलन है जिससे आपको अगली खरीदारी पर आकर्षट छूट मिलेगी।
गूगल रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि ऑनलाइन और टीवी शॉपिंग के प्रति बढ़ते क्रेज के चलते ऐसी खरीदारी करने वालों की संख्या 40 करोड़ से ज्यादा हो जाएगी।
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2016 तक भारत में ऑनलाइन कारोबार बाजार 15 अरब डालर का हो जाएगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि इंटरनेट पर आसान तरीकों वाली खरीदारी, सुविधाओं और लुभावने ऑफरों की वजह से 65 प्रतिशत लोग आनलाइन शॉपिंग करते हैं। करीब 60 प्रतिशत लोग मानते हैं कि ऑनलाइन खरीददारी करना सुविधाजनक है।
ई.कामर्स इसी टेक्नोलॉजी की देन है। इसने जहां दुकानदार को 24 घंटे अपना सामान बेचने की छूट दी है वहीं दूसरी तरफ उपभोक्ता को भी 24 घंटे खरीददारी करने की छूट दी है। घर बैठे मनपसंद चीजें तलाशना, चुनना और बाजार से कम मूल्य में खरीददारी की आजादी टेक्नोलॉजी की बदौलत पूरी हो पाई है।
अब सामान चुनने या पसंद� करने के लिए घंटों बाजार में टांगे दुखाने की जरूरत नहीं। अपने कंप्यूटर या स्मार्टफोन में शॉपिंग ऐप्स डाउनलोड कीजिए और दुनिया भर के ब्रांड्स और डिजाइन में अपनी पसंद की चीज चुन लीजिए।
संगीता को अपने लिए पार्टी ड्रेस चाहिए तो उसे बाजार जाकर विंडो शॉपिंग की जरूरत नहीं। वो शॉपिंग ऐप्स पर जाकर अपनी पसंद की ड्रेस चुनेगी। मेजरमेंट के लिए ऐप्स पर सभी तरह के साइज उपलब्ध होंगे। संगीता को पसंदीदा ड्रेस का फैब्रिक, साइज, ब्रांड का नाम आदि की जानकारी वहीं एक क्लिक पर मिलेगी। संगीता अपने साइज के कपड़ों को हर एंगल से देख कर पसंदीदा ड्रेस चुनेनी और तुरंत आर्डर करेगी।
अगर संगीता को ये देखना है कि ड्रेस उस पर कैसी लगेगी, इस सवाल का भी हल है। उसे बस अपनी एक फुल साइज फोटो खींचकर एप पर सेंड करनी होगी और संगीता उसी ड्रेस में अपनी तस्वीर देख पाएगी।
लगभग हर ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर और बड़े ब्रांड्स ने अपने ऐप्स बनाए हैं जिसके जरिए लगभग हर सामान, बीसियों तरह के ब्रांड और कई तरह के साइज और शेप में आपके फोन पर ही उपलब्ध है बस एक क्लिक की दूरी पर।
टेक्नोलॉजी ने शॉपिंग यानी खरीदारी को चुटकियों का खेल बना दिया है। वो दिन गए जब बाजार जाकर आपको हाथों में बड़े बड़े बैग थामे दुकानों के चक्कर लगाने पड़ते थे। मोलभाव करना एक सिरदर्द था। लेकिन टेक्नोलॉजी के चलते घर बैठे शॉपिंग संभव हो गई है।
एक तरफ टीवी शॉपिंग और दूसरी तरफ ऑनलाइन शॉपिंग ने बाजार और मॉल को हाशिए पर लाकर खड़ा कर दिया है। घर हो या दफ्तर कहीं भी बैठकर खरीदारी कीजिए।
ई कॉमर्स कंपनियों की बेवसाइट और शॉपिंग ऐप्स ने शॉपिंग को बहुत आसान कर दिया है। इलेक्टॉनिक्स, होम अपलायंस, ज्वैलरी, कपड़े, बच्चों के सामान, उपहार देने लायक सामान, यहां तक कि कार से लेकर मकान तक सब कुछ आपको एक ही जगह पर मिल जाएगा। बस आपको तय करना है कि क्या खरीदना है।
मोलभाव करने की भी जरूरत नहीं, कई ब्रांड्स और ई कॉमर्स कंपनियां समय समय पर लुभावने और फायदेमंद ऑफर निकालती रहती है जिसके जरिए आप अपने सामान पर 5 से लेकर 50 परसेंट की तक छूट पा सकते हैं। ज्यादा खरीदारी करने पर डिस्काउंट कूपन का भी चलन है जिससे आपको अगली खरीदारी पर आकर्षट छूट मिलेगी।
गूगल रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि ऑनलाइन और टीवी शॉपिंग के प्रति बढ़ते क्रेज के चलते ऐसी खरीदारी करने वालों की संख्या 40 करोड़ से ज्यादा हो जाएगी।
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2016 तक भारत में ऑनलाइन कारोबार बाजार 15 अरब डालर का हो जाएगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि इंटरनेट पर आसान तरीकों वाली खरीदारी, सुविधाओं और लुभावने ऑफरों की वजह से 65 प्रतिशत लोग आनलाइन शॉपिंग करते हैं। करीब 60 प्रतिशत लोग मानते हैं कि ऑनलाइन खरीददारी करना सुविधाजनक है।
अब खरीदारी के लिए जरूरी नहीं कि आपकी जेब में कैश हो। प्लास्टिक मनी ने पेमेंट को सुरक्षित और सुविधाजनक बना दिया है।
आप चाहें तो कैश ऑन डिलीवरी का ऑप्शन चुनिए या शॉपिंग के वक्त ही पेमेंट कर दीजिए। कैश ऑन डिलीवरी में आप सामान मिलने पर पैसा देंगे जबकि ऑनलाइन पेमेंट के तहत आप क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए पेमेंट की अदायगी कर सकते हैं।
नेट बैंकिंग के जरिए आप अपने किसी भी बैंक से ऑनलाइन पेमेंट कर सकेंगे। क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर ये सुविधा रहती है कि आप पैसे का भुगतान ईएमआई के जरिए भी कर सकेंगे।
इतना ही नहीं पेमेंट करते ही आपको पेमेंट का कन्फरमेशन मैसेज मिलेगा और कुछ देर बाद कंपनी से आर्डर बुक होने की कॉल आएगी। इतना ही नहीं आपको एक पर्सनलाइज्ड कोड भी मिलेगा ताकि आप अपने आर्डर को समय समय पर ट्रैक करते रहे और कोई परेशानी होने पर उस कोड के जरिए अपने सामान से संबंधित कोई जानकारी ले सकें।
बिलिंग
अब तक छोटे मोटे दुकानदार पक्का बिल देने में आनाकानी करते थे। लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग में हर छोटी बड़ी खरीद पर पक्का बिल मिलता है। ये बिल इस बात की तस्दीक करते हैं कि आप ब्रांड, वारंटी, शुद्धता और विश्वसनीयता
के साथ सामान खरीद रहे हैं।
भविष्य में कभी भी अगर आप सामान में कोई कमी के चलते सामान वापस करते हैं तो इस बिल की बदौलत आप सामान बदल पाएंगे या वापस कर सकेंगे।
आप चाहें तो कैश ऑन डिलीवरी का ऑप्शन चुनिए या शॉपिंग के वक्त ही पेमेंट कर दीजिए। कैश ऑन डिलीवरी में आप सामान मिलने पर पैसा देंगे जबकि ऑनलाइन पेमेंट के तहत आप क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए पेमेंट की अदायगी कर सकते हैं।
नेट बैंकिंग के जरिए आप अपने किसी भी बैंक से ऑनलाइन पेमेंट कर सकेंगे। क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर ये सुविधा रहती है कि आप पैसे का भुगतान ईएमआई के जरिए भी कर सकेंगे।
इतना ही नहीं पेमेंट करते ही आपको पेमेंट का कन्फरमेशन मैसेज मिलेगा और कुछ देर बाद कंपनी से आर्डर बुक होने की कॉल आएगी। इतना ही नहीं आपको एक पर्सनलाइज्ड कोड भी मिलेगा ताकि आप अपने आर्डर को समय समय पर ट्रैक करते रहे और कोई परेशानी होने पर उस कोड के जरिए अपने सामान से संबंधित कोई जानकारी ले सकें।
बिलिंग
अब तक छोटे मोटे दुकानदार पक्का बिल देने में आनाकानी करते थे। लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग में हर छोटी बड़ी खरीद पर पक्का बिल मिलता है। ये बिल इस बात की तस्दीक करते हैं कि आप ब्रांड, वारंटी, शुद्धता और विश्वसनीयता
के साथ सामान खरीद रहे हैं।
भविष्य में कभी भी अगर आप सामान में कोई कमी के चलते सामान वापस करते हैं तो इस बिल की बदौलत आप सामान बदल पाएंगे या वापस कर सकेंगे।
अब रेल का टिकट बुक कराने के मुंह अंधेरे लिए लंबी लाइन में लगने या दलालों से चिक चिक की जरूरत नहीं। कहीं जाना है तो बस या टैक्सी का वेट करने की भी जरूत नहीं। ऑनलाइन बुकिंग इन सब झंझटों का एक रामबाण इलाज है। ट्रेन से जाना है तो IRCTC की वेबसाइट से रेल टिकट बुक करा लीजिए।
टिकट वेटिंग में है तो समय समय पर PNR नंबर डालकर चैक कर सकते हैं कि टिकट कंफर्म� हुआ या नहीं। इतना ही नहीं आपकी ट्रेन कितनी लेट है और इस समय कहां पहुंची है,ये जानकारी भी आप घर बैठे ले सकते हैं।
टैक्सी बुकिंग
टैक्सी बुक कराना अब इतना आसान हो गया है कि पूछिए मत। बस आपको इतना करना है कि जिस शहर में हैं वहां की टैक्सी सेवा का एप डाउनलोड करना है।
उस एप के जरिए ही कंपनी ये पता लगाती है कि आर्डर देने वाला इस समय कहां है। आप चाहें तो Ride estimate के ऑप्शन से पता कर सकते हैं कि आपको जहां जाना है वहां का किराया कितना होगा।
टैक्सी चुनिए, सेडान चाहिए या हैच बैक, ऐसी या नॉन ऐसी।
इसके बाद गाड़ी और चालक की डिटेल आपके मोबाइल पर पहुंच जाएगी। ड्राइवर का फोन आएगा और कुछ ही पलों में टैक्सी आपके पास होगा।
यात्रा के बाद जब चालक आपको गंतव्य पर छ़ोड़ेगा तो ही आपके मोबाइल पर यात्रा के बिल का मैसेज होगा। आप चाहे तो कैश दे सकते हैं और चाहें तो क्रेडिट कार्ड से भी भुगतान कर सकते हैं।
फिल्म की टिकट बुक कराना भी हुआ आसान
इतना ही नहीं अब सिनेमाहॉल जाकर टिकट के लिए लंबी लाइन में लगने और हाउसफुल का बोर्ड देखकर मायूस होने के दिन गए। पीवीआर के जमाने में आप ऑनलाइन या अपने मोबाइल एप के जरिए फिल्म का कई दिन पहले ही टिकट बुक करा सकते हैं। यहां आपको अपनी सीट पसंद करने की आजादी भी मिलेगी और नेटबैंकिंग के जरिए पेमेंट करने की भी।
आजकल कई ऐसे एप बाजार में हैं जो आपको आने वाली फिल्मों की जानकारी देते हैं और साथ ही साथ चंद घंटों पहले टिकट बुक कराने की आजादी भी। इनके तहत कई आकर्षक ऑफर के चलते आपको टिकट सस्ते मिलने के भी चांस हैं
टिकट वेटिंग में है तो समय समय पर PNR नंबर डालकर चैक कर सकते हैं कि टिकट कंफर्म� हुआ या नहीं। इतना ही नहीं आपकी ट्रेन कितनी लेट है और इस समय कहां पहुंची है,ये जानकारी भी आप घर बैठे ले सकते हैं।
टैक्सी बुकिंग
टैक्सी बुक कराना अब इतना आसान हो गया है कि पूछिए मत। बस आपको इतना करना है कि जिस शहर में हैं वहां की टैक्सी सेवा का एप डाउनलोड करना है।
उस एप के जरिए ही कंपनी ये पता लगाती है कि आर्डर देने वाला इस समय कहां है। आप चाहें तो Ride estimate के ऑप्शन से पता कर सकते हैं कि आपको जहां जाना है वहां का किराया कितना होगा।
टैक्सी चुनिए, सेडान चाहिए या हैच बैक, ऐसी या नॉन ऐसी।
इसके बाद गाड़ी और चालक की डिटेल आपके मोबाइल पर पहुंच जाएगी। ड्राइवर का फोन आएगा और कुछ ही पलों में टैक्सी आपके पास होगा।
यात्रा के बाद जब चालक आपको गंतव्य पर छ़ोड़ेगा तो ही आपके मोबाइल पर यात्रा के बिल का मैसेज होगा। आप चाहे तो कैश दे सकते हैं और चाहें तो क्रेडिट कार्ड से भी भुगतान कर सकते हैं।
फिल्म की टिकट बुक कराना भी हुआ आसान
इतना ही नहीं अब सिनेमाहॉल जाकर टिकट के लिए लंबी लाइन में लगने और हाउसफुल का बोर्ड देखकर मायूस होने के दिन गए। पीवीआर के जमाने में आप ऑनलाइन या अपने मोबाइल एप के जरिए फिल्म का कई दिन पहले ही टिकट बुक करा सकते हैं। यहां आपको अपनी सीट पसंद करने की आजादी भी मिलेगी और नेटबैंकिंग के जरिए पेमेंट करने की भी।
आजकल कई ऐसे एप बाजार में हैं जो आपको आने वाली फिल्मों की जानकारी देते हैं और साथ ही साथ चंद घंटों पहले टिकट बुक कराने की आजादी भी। इनके तहत कई आकर्षक ऑफर के चलते आपको टिकट सस्ते मिलने के भी चांस हैं
