पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) ने पुस्तक शाखा के एक सीनियर सहायक को बर्खास्त कर दिया है। सीनियर सहायक की पहचान मलक सिंह के रूप में हुई है।
आरोप है कि चंडीगढ़ की एक अदालत द्वारा उसे एक अपराधिक मामले में सजा सुनाई थी। लेकिन, उसने इस बारे में बोर्ड को कोई जानकारी नहीं दी। साथ ही बोर्ड में काम करता रहा।
इसी बीच कुछ कर्मचारियों को जब इसकी भनक लगी, तो उन्होंने सारे मामले की छानबीन कर इस बारे में बोर्ड को शिकातय दी। फिर बोर्ड द्वारा मामले की अपने स्तर पर जांच की गई। इसमें शिकायकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए। इसके बाद सीनियर सहायक को बर्खास्त कर दिया गया।
बोर्ड की चेयरपर्सन डॉ. तेजिंदर कौर धालीवाल ने सीनियर सहायक को बर्खास्त करने की पुष्टि की है। जानकारी के मुताबिक, चंडीगढ़ पुलिस ने कुछ समय पहले फर्जी दस्तावेजों से जुड़ा मामला दर्ज किया था।
पुलिस को सूचना मिली थी कि पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ की परीक्षा शाखा के दिहाड़ीदार लक्ष्मण सिंह के पास बोर्ड से जुड़े दस्तावेज पेश हुए थे। इस दौरान उन्होंने मलक सिंह का नाम भी लिया था। इसके बाद मामला अदालत पहुंच था। अदालत ने सीनियर सहायक को सजा सुनाई थी। परंतु सजा होने के बाद भी उसने बोर्ड को नहीं बताया था।
आरोप है कि चंडीगढ़ की एक अदालत द्वारा उसे एक अपराधिक मामले में सजा सुनाई थी। लेकिन, उसने इस बारे में बोर्ड को कोई जानकारी नहीं दी। साथ ही बोर्ड में काम करता रहा।
इसी बीच कुछ कर्मचारियों को जब इसकी भनक लगी, तो उन्होंने सारे मामले की छानबीन कर इस बारे में बोर्ड को शिकातय दी। फिर बोर्ड द्वारा मामले की अपने स्तर पर जांच की गई। इसमें शिकायकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए। इसके बाद सीनियर सहायक को बर्खास्त कर दिया गया।
बोर्ड की चेयरपर्सन डॉ. तेजिंदर कौर धालीवाल ने सीनियर सहायक को बर्खास्त करने की पुष्टि की है। जानकारी के मुताबिक, चंडीगढ़ पुलिस ने कुछ समय पहले फर्जी दस्तावेजों से जुड़ा मामला दर्ज किया था।
पुलिस को सूचना मिली थी कि पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ की परीक्षा शाखा के दिहाड़ीदार लक्ष्मण सिंह के पास बोर्ड से जुड़े दस्तावेज पेश हुए थे। इस दौरान उन्होंने मलक सिंह का नाम भी लिया था। इसके बाद मामला अदालत पहुंच था। अदालत ने सीनियर सहायक को सजा सुनाई थी। परंतु सजा होने के बाद भी उसने बोर्ड को नहीं बताया था।
