दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) ने वित्त वर्ष 2015-16 के लिए बिजली कीमत तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग के पहले सप्ताह में जन-सुनवाई बुलाई गई है।
दो दिनों की जन-सुनवाई के कुछ दिनों के बाद आयोग बिजली कीमत बढ़ाने की घोषणा कर सकता है। हालांकि दिल्ली सरकार नहीं चाहती है कि बिना सीएजी ऑडिट बिजली कीमत तय की जाए।
बिजली वितरण कंपनियों ने आयोग से 16 से 20 प्रतिशत तक बिजली कीमत बढ़ाने की मांग आयोग से की है। डिस्कॉम्स का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में बिजली खरीद की कीमतों में 300 फीसदी तक इजाफा हुआ है। लेकिन बिजली कीमतों में उस अनुसार बढ़ोतरी नहीं हुई।
इसी वजह से डिस्कॉम्स करीब 25000 करोड़ रुपये घाटे में चल रहा है। उधर, मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री ने कहा है कि बिना सीएजी ऑडिट बिजली कीमत तय नहीं की जाए।
बिजली कंपनियों के खातों की जांच सीएजी कर रही है जो लगभग पूरी हो चुकी है। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) ने बृहस्पतिवार को आयोग की वेबसाइट पर तीनों बिजली कंपनियों की ओर से दाखिल की गई एग्रीगेट रेवेन्यू रिक्वायरमेंट (एआरआर) की विस्तृत रिपोर्ट के साथ-साथ उपभोक्ताओं के लिए जानकारी उपलब्ध कराई है।
इसके अलावा आयोग की ओर से तीन अधिकारियों के नाम और फोन नंबर भी आयोग की वेबसाइट पर दी गई है। कोई भी उपभोक्ता तीन अगस्त तक दोपहर तीन से पांच बजे तक डिस्कॉम्स के एआरआर के संबंधित सवाल-जवाब कर सकते हैं।
आयोग की ओर से सिरी फोर्ट ऑडिटोरियम में चार और पांच अगस्त को जन-सुनवाई बुलाई गई है, इसमें कोई भी बिजली उपभोक्ता जाकर अपनी बात रख सकता है।
चार अगस्त को सुबह 10.30 से शाम 5.30 बजे तक सुनवाई होगी। इस दिन बीआरपीएल, बीवाईपीएल, टीपीडीडीएल और एनडीएमसी के उपभोक्ता अपनी राय और सुझाव दे सकते हैं।
पांच अगस्त को सुबह 10.30 से एक बजे तक दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड, आईपीजीसीएल और पीपीसीएल से जुड़े मामलों पर जन-सुनवाई होगी।
दो दिनों की जन-सुनवाई के कुछ दिनों के बाद आयोग बिजली कीमत बढ़ाने की घोषणा कर सकता है। हालांकि दिल्ली सरकार नहीं चाहती है कि बिना सीएजी ऑडिट बिजली कीमत तय की जाए।
बिजली वितरण कंपनियों ने आयोग से 16 से 20 प्रतिशत तक बिजली कीमत बढ़ाने की मांग आयोग से की है। डिस्कॉम्स का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में बिजली खरीद की कीमतों में 300 फीसदी तक इजाफा हुआ है। लेकिन बिजली कीमतों में उस अनुसार बढ़ोतरी नहीं हुई।
इसी वजह से डिस्कॉम्स करीब 25000 करोड़ रुपये घाटे में चल रहा है। उधर, मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री ने कहा है कि बिना सीएजी ऑडिट बिजली कीमत तय नहीं की जाए।
बिजली कंपनियों के खातों की जांच सीएजी कर रही है जो लगभग पूरी हो चुकी है। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) ने बृहस्पतिवार को आयोग की वेबसाइट पर तीनों बिजली कंपनियों की ओर से दाखिल की गई एग्रीगेट रेवेन्यू रिक्वायरमेंट (एआरआर) की विस्तृत रिपोर्ट के साथ-साथ उपभोक्ताओं के लिए जानकारी उपलब्ध कराई है।
इसके अलावा आयोग की ओर से तीन अधिकारियों के नाम और फोन नंबर भी आयोग की वेबसाइट पर दी गई है। कोई भी उपभोक्ता तीन अगस्त तक दोपहर तीन से पांच बजे तक डिस्कॉम्स के एआरआर के संबंधित सवाल-जवाब कर सकते हैं।
आयोग की ओर से सिरी फोर्ट ऑडिटोरियम में चार और पांच अगस्त को जन-सुनवाई बुलाई गई है, इसमें कोई भी बिजली उपभोक्ता जाकर अपनी बात रख सकता है।
चार अगस्त को सुबह 10.30 से शाम 5.30 बजे तक सुनवाई होगी। इस दिन बीआरपीएल, बीवाईपीएल, टीपीडीडीएल और एनडीएमसी के उपभोक्ता अपनी राय और सुझाव दे सकते हैं।
पांच अगस्त को सुबह 10.30 से एक बजे तक दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड, आईपीजीसीएल और पीपीसीएल से जुड़े मामलों पर जन-सुनवाई होगी।
