Padmashree Dr Himmatrao Bavaskar cured serious patients by inhaling methylene blue; not a single death | पद्मश्री डॉ हिम्मतराव बावस्कर ने गंभीर मरीजों को...

Swati
0
Online Studyiq
Provides Daily current affairs 
Padmashree Dr Himmatrao Bavaskar cured serious patients by inhaling methylene blue; not a single death | पद्मश्री डॉ हिम्मतराव बावस्कर ने गंभीर मरीजों को मेथिलीन ब्लू सुंघाकर ठीक किया; एक भी मौत नहीं
Feb 22nd 2022, 10:51, by Online Studyiq Team


  • Hindi News
  • Happylife
  • Padmashree Dr Himmatrao Bavaskar Cured Serious Patients By Inhaling Methylene Blue; Not A Single Death

17 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

पिछले दो सालों से भारत समेत दुनिया भर के हेल्थ एक्सपर्ट्स कोरोना की दवा और वैक्सीन विकसित करने में लगे हुए हैं। हाल ही में महाराष्ट्र के डॉ. हिम्मतराव बावस्कर ने जर्नल ऑफ फैमिली मेडिसिन एंड प्राइमरी केयर में अपनी रिसर्च प्रकाशित की है, जिसमें उन्होंने गंभीर कोरोना मरीजों को पहले से मौजूद सिंथेटिक दवा मेथिलीन ब्लू से ठीक करने का दावा किया है।

डॉ. बावस्कर को इसी साल पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। वे महाराष्ट्र के महाड जिले में अस्पताल चलाते हैं। उन्हें बिच्छू और सांप के काटने के इलाज में वैश्विक पहचान मिली हुई है।

दवा सुंघाकर कोरोना मरीजों का इलाज किया

डॉ. हिम्मतराव बावस्कर को इसी साल पद्मश्री से सम्मानित किया गया है।

डॉ. हिम्मतराव बावस्कर को इसी साल पद्मश्री से सम्मानित किया गया है।

द टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए डॉ. बावस्कर ने बताया कि 2020 में देश में कोरोना की पहली लहर के दौरान उन्होंने 7 मरीजों को मेथिलीन ब्लू सुंघाकर ठीक किया था। ये लोग बूढ़े थे और पहले ही कई तरह की बीमारियों से पीड़ित थे। इन मरीजों को कोरोना के इलाज में काम आने वाली एंटी वायरल दवाओं जैसे- रेमडेसिविर, फेविपिरवीर और टोसीलिजुमाब से भी आराम नहीं मिला था।

डॉ. बावस्कर के अनुसार, मेथिलीन ब्लू कारगर साबित होने पर उन्होंने 2021 में आई कोरोना की दूसरी लहर में 200 से ज्यादा मरीजों का इलाज किया।

एक भी मरीज की मौत नहीं हुई

डॉ. बावस्कर ने दावा किया है कि मेथिलीन ब्लू से कोरोना मरीजों में पोस्ट कोविड कॉम्प्लिकेशन्स भी नहीं हुए।

डॉ. बावस्कर ने दावा किया है कि मेथिलीन ब्लू से कोरोना मरीजों में पोस्ट कोविड कॉम्प्लिकेशन्स भी नहीं हुए।

अपने रिसर्च पेपर में डॉ. बावस्कर ने दावा किया है कि मेथिलीन ब्लू के उपयोग से कोरोना मरीजों का अच्छे से इलाज हुआ और उनमें से एक की भी मौत नहीं हुई। इन लोगों में पोस्ट कोविड कॉम्प्लिकेशन्स भी नहीं हुए।

क्या है मेथिलीन ब्लू?

ये एक प्रकार का क्लोराइड साॅल्ट है। ये आमतौर पर डाई में इस्तेमाल की जाती है। इसे मलेरिया की दवा हाइड्रोक्लोरोक्विन और एंटीपारासाइटिक आइवरमेक्टिन में भी यूज करते हैं। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटीडिप्रेसेंट गुण भी होते हैं। ये एक किफायती दवा है। बाजार में 10 रुपए में 5 एमएल मेथिलीन ब्लू खरीदी जा सकती है।

कोरोना में मेथिलीन ब्लू कैसे काम करती है?

मेथिलीन ब्लू आमतौर पर डाई में इस्तेमाल की जाती है।

मेथिलीन ब्लू आमतौर पर डाई में इस्तेमाल की जाती है।

डॉ. बावस्कर के रिसर्च पेपर के अनुसार, ब्रैडीकिनिन नाम का अमीनो एसिड कोरोना के गंभीर संक्रमण को बढ़ाने में मदद करता है और हमारी इम्यूनिटी को खराब करता है। मेथिलीन ब्लू ब्रैडीकिनिन के प्रोडक्शन को रोकने का काम करती है।

इसके अलावा इस दवा से मरीजों के शरीर में ऑक्सिजन की मात्रा भी सही रहती है। भारत में सदियों से मेथिलीन ब्लू का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन ज्यादा मात्रा में ये दवा जहर का काम कर सकती है।

खबरें और भी हैं…

The post Padmashree Dr Himmatrao Bavaskar cured serious patients by inhaling methylene blue; not a single death | पद्मश्री डॉ हिम्मतराव बावस्कर ने गंभीर मरीजों को मेथिलीन ब्लू सुंघाकर ठीक किया; एक भी मौत नहीं appeared first on Online Studyiq.

You are receiving this email because you subscribed to this feed at blogtrottr.com.

If you no longer wish to receive these emails, you can unsubscribe from this feed, or manage all your subscriptions.

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)