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- Confusion Between The Two Can Delay Treatment; Know The Biggest Difference From Expert
एक घंटा पहलेलेखक: आयुषी गोस्वामी
आपको सीने में दर्द उठा, दिल की धड़कन तेज हुई और अचानक ही पसीना आने लगा। ये पैनिक अटैक था या हार्ट अटैक? विशेषज्ञों के अनुसार दोनों ही स्थितियों के शुरुआती लक्षण काफी मिलते-जुलते हैं और इनसे होने वाला कंफ्यूजन सही इलाज में देरी कर सकता है। इसलिए इनके अंतर को समझना बेहद जरूरी है।
पैनिक और हार्ट अटैक से जुड़े इस कंफ्यूजन को दूर करने के लिए हमने अपोलो हॉस्पिटल अहमदाबाद के कैथ लैब और सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. जयेश प्रजापति से बात की।
सवाल: हार्ट अटैक क्या होता है?
जवाब: दिल की नसें ब्लॉक होने के कारण हार्ट अटैक की स्थिति बनती है। यही नसें ब्लड और ऑक्सिजन को हमारे हार्ट की मसल्स तक पहुंचाती हैं। जब दिल को पर्याप्त ब्लड नहीं मिल पाता तब ये मसल्स डैमेज होने लगती हैं।
सवाल: पैनिक अटैक क्या होता है?
जवाब: बहुत ज्यादा डर या चिंता के कारण अचानक पड़ने वाले दौरे को पैनिक अटैक कहते हैं। हार्ट अटैक की तरह इससे हमारी जान को खतरा नहीं होता, लेकिन ये हमारी जिंदगी और मानसिक स्वास्थ्य में बड़ी बाधा बन सकता है। पैनिक अटैक किसी को भी आ सकता है। हालांकि ये परेशानी महिलाओं में मेनोपॉज के पहले और बाद में आना कॉमन है।
सवाल: पैनिक अटैक और हार्ट अटैक में क्या अंतर है?
जवाब: पैनिक अटैक कुछ सेकंड या मिनट का होता है। इस दौरान सीने में होने वाला दर्द लोकालाइज्ड होता है। इसका मतलब कि ये दर्द उस एक अंग तक सीमित होता है और हाथ या जबड़े तक नहीं पहुंचता। इस दर्द को अनुभव करने वाले व्यक्ति को ऐसा लगता है जैसे कोई उसके सीने में छुरा घोंप रहा हो। पैनिक अटैक के कुछ मामलों में सीने में दर्द के कारण ही दिल की धड़कन तेज होती है।
हार्ट अटैक इससे काफी अलग है। ये दौरा लंबे समय तक रहता है और मरीज के लिए गंभीर साबित हो सकता है।
महिलाओं में मेनोपॉज के बाद पैनिक अटैक आना कॉमन है।
सवाल: अगर मुझे इन दोनों में से किसी एक अटैक का अनुभव होता है, लेकिन मुझे नहीं पता कि वह कौन सा है, तो क्या करना चाहिए?
जवाब: पैनिक अटैक आराम, चिंता या तनाव की स्थिति में आता है। वहीं हार्ट अटैक ज्यादा काम करने पर या एक्सरसाइज करने के बाद आता है। इन स्थितियों से आप अनुभव हो रहे दौरे को समझ सकते हैं।
पैनिक अटैक के दौरान खुद को कंफर्टेबल बनाएं। अपने आपको रिलैक्स करने की कोशिश करें। गहरी सांस लें और उल्टी गिनती गिनना शुरू करें। हल्के-फुल्के योगासन और प्राणायाम की सहायता भी ली जा सकती है। इस स्थिति में खुद से या किसी करीबी से बात करके मन को शांत कर सकते हैं।
पैनिक अटैक गंभीर होने पर क्लोनाजेपम और अल्प्राजोलम जैसी दवाओं को डॉक्टर की सलाह पर लें। मेनोपॉज के बाद महिलाएं हॉरमोन रीप्लेसमेंट थैरेपी ले सकती हैं।
हार्ट अटैक की स्थिति में लक्षण अनुभव होने पर तुरंत अच्छे डॉक्टर से संपर्क करें और इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (हार्ट की जांच) करवाएं। ऐसे अस्पताल जाने की कोशिश करें जहां 24 घंटे सुविधाएं हों। कार्डियोलॉजिस्ट की सलाह पर इलाज की प्रक्रिया पूरी करें।
पैनिक अटैक के दौरान खुद को रिलैक्स करने की कोशिश करें।
सवाल: क्या पैनिक अटैक से हार्ट अटैक आ सकता है?
जवाब: कुछ मामलों में ऐसा हो सकता है। अगर डिप्रेशन और चिंता के कारण बार-बार पैनिक अटैक आता है तो इससे हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ जाता है। साथ ही तनाव पूर्ण स्थिति में भी दिल का दौरा पड़ने की संभावना होती है।
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