रूस और यूक्रेन तनाव पर नजरे गड़ाए है 'ड्रैगन'! अमेरिका के अगले कदम में ताइवान का भविष्य देख रहा चीन

Swati
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रूस और यूक्रेन तनाव पर नजरे गड़ाए है 'ड्रैगन'! अमेरिका के अगले कदम में ताइवान का भविष्य देख रहा चीन
Feb 16th 2022, 09:35

वॉशिंगटन : पूर्वी यूरोप में तनाव अपने चरम पर है। रूस और यूक्रेन के बीच जंग (Russia Ukraine War) हर दिन के साथ टल रही है। अमेरिका लगातार संभावित युद्ध के खतरे को लेकर लगातार आगाह कर रहा है। एक ओर यूक्रेन की सीमाओं पर रूस का सैन्य बल मौजूद है तो वहीं पूर्वी यूरोप (Eastern Europe) में अमेरिका और ब्रिटेन के सैनिक नाटो सैन्य बलों के हाथ मजबूत कर रहे हैं। अब अमेरिका का मानना है कि क्षेत्र के मौजूदा हालात पर चीन (China) बेहद करीब से नजर बनाए हुए है। सवाल यह है कि यूरोप के तनाव (Tension in Europe) से चीन को क्या फायदा हो सकता है? ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक बाइडन प्रशासन का मानना है कि बीजिंग लगातार इस पर नजर बनाए हुए है कि रूस और यूक्रेन के तनाव पर अमेरिका की क्या प्रतिक्रिया होगी। इससे वह ताइवान के प्रति चीनी आक्रामकता पर अमेरिकी प्रतिक्रिया का अनुमान लगा सकता है। रूस लगातार यूक्रेन की सीमाओं से अपनी सेनाओं को वापस बुला रहा है जो कथित रूप से सैन्य अभ्यास में हिस्सा ले रही थीं। बुधवार को उसने क्रीमिया से भी अपने सैनिकों को वापस बुला लिया। ताइवान के आगे 'मान्यता' का संकटइसके बावजूद अमेरिकी खुफिया का अनुमान है कि रूस आज रात करीब 1 बजे हमला कर सकता है। अगर पुतिन इस हमला करते हैं तो ताइवान को लेकर अमेरिका की चिंता और बढ़ जाएगी जिस पर चीन लगातार अपना दावा कर रहा है। बीते दो सालों में चीन ने ताइवान के निकट अपनी सैन्य गतिविधियों को बढ़ा दिया है। ताइवान के सामने सबसे बड़ी समस्या है- 'मान्यता'। दुनिया के ज्यादातर देशों ने अभी तक ताइवान को मान्यता नहीं दी है इसलिए चीन अगर इस द्वीप पर हमला करता है तो कई देश इसका खुलकर विरोध नहीं जता पाएंगे। नाटो के अगले कदम पर शी जिनपिंग की निगाहेंअमेरिकी अधिकारियों ने ब्लूमबर्ग को बताया कि उनका मानना है कि शी जिनपिंग नाटो गठबंधन की प्रतिक्रिया का करीब से अध्ययन कर रहे हैं, जो यूक्रेन के बचाव में रूस को टक्कर दे रहा है। पिछले हफ्ते अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने भी इसका संकेत दिया था। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में बिना चीन का नाम लिए कहा था कि 'बाकी लोग' हमें देख रहे हैं कि हम कैसे जवाब देते हैं। चीन और ताइवान के बीच भी हैं तनावपूर्ण हालातताइवान और चीन के बीच भी तनाव लगातार बढ़ रहा है। हाल में ही अमेरिका और ताइवान के बीच 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर के मिसाइल समझौते को राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने मंजूरी दी है। चीन का कहना है कि ताइवान उसका हिस्सा है जबकि ताइवान खुद को एक स्वाधीन देश मानता है जिसका समर्थन अमेरिका भी करता है। ताइवान किसी भी कीमत पर चीन के आगे घुटने टेकने को तैयार नहीं है। ऐसे में अगर तनाव बढ़ता है तो दुनिया को एक बड़े युद्ध से जूझना पड़ सकता है।

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