यूक्रेन-रूस तनाव का असर पाकिस्तान पर भी, टल सकता है इमरान खान का बिन बुलाए मॉस्को दौरा

Swati
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यूक्रेन-रूस तनाव का असर पाकिस्तान पर भी, टल सकता है इमरान खान का बिन बुलाए मॉस्को दौरा
Feb 15th 2022, 10:53

इस्लामाबाद: एशिया और यूरोप में बदलते हालात () के बीच पाकिस्तान और रूस () तेजी से एक दूसरे के करीब आ रहे हैं। इन सबके बीच फरवरी के आखिरी हफ्ते में () भी प्रस्तावित है। लेकिन, अब खबर आ रही है कि यूक्रेन और रूस में जारी तनाव को देखते हुए इमरान खान अपना रूस दौरा स्थगित () कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि इस दौरे के लिए पाकिस्तान ने खुद रूस के न्योता मांगा था। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स में भी दावा किया गया है कि इस नाजुक समय में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान का प्रस्तावित रूस दौरा () उनकी निजी छवि को झटका दे सकता है। इतना ही नहीं, ऐसे में इमरान खान के ऊपर रूस समर्थक होने का ठप्पा लग जाएगा, जिससे अमेरिका समेत बाकी पश्चिमी देश नाराज हो सकते हैं। (Russia Ukraine Tension) इतना बड़ा है कि चीन जैसा शक्तिशाली देश भी खुलकर रूस का समर्थन नहीं कर रहा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल में ही विंटर ओलिंपिक के उद्घाटन सत्र में शामिल होकर चीन-रूस एकता को प्रदर्शित किया, लेकिन शी जिनपिंग की तरफ से यूक्रेन के खिलाफ कोई बयान देखने को नहीं मिला है। पाकिस्तानी अखबार द न्यूज में प्रकाशित रिपोर्ट में इंस्टिट्यूट ऑफ न्यू होराइजन्स एंड बलूचिस्तान के अध्यक्ष जान अचकजई ने खान के प्रस्तावित दौरे की तुलना पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल जिया-उल-हक के तत्कालीन ईरान दौरे से की है, जोकि हक ने शाह के समर्थन में एकजुटता दिखाने के मद्देनजर किया था और इसके कुछ ही दिन बाद वर्ष 1979 में अयातुल्लाह खामनेई के नेतृत्व में हुई क्रांति के चलते ईरान में तख्तापलट हो गया था। रिपोर्ट में कहा गया कि खान का दौरा ऐसे समय में प्रस्तावित है, जब यूक्रेन को लेकर अमेरिका और रूस के बीच गतिरोध जारी है, जोकि कूटनीतिक प्रयासों के पूरी तरह विफल रहने पर संघर्ष में तब्दील हो सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि रूस ने आमंत्रण नहीं दिया, बल्कि आमंत्रण मांगा गया था। ऐसे में इमरान खान के रूस के दौरे से पाकिस्तान के हितों के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ेगी और ये प्रधानमंत्री की निजी छवि के लिए भी झटका होगी। इमरान खान रूस जाते हैं तो बनेगा रिकॉर्ड अगर इमरान खान इसके बावजूद रूस जाते हैं तो पिछले 23 साल में यह पहला मौका होगा जब कोई पाकिस्तानी प्रधानमंत्री रूस जाएगा। उनके साथ पाकिस्तानी अधिकारियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी रूस जाएगा। इमरान खान इस समय चीन दौरे पर हैं। कुछ दिनों पहले ही ऐसी रिपोर्ट्स आई थी कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पाकिस्तान की यात्रा कर सकते हैं। तब बताया गया था कि पाकिस्तान और रूस के बीच पुतिन की यात्रा को लेकर बातचीत अंतिम स्टेज में है। हालांकि, पुतिन की पाकिस्तान यात्रा को लेकर रूस की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिर भी पाकिस्तान में उनकी यात्रा को लेकर तैयारियां जोर-शोर से जारी है। पाकिस्तान से संबंध मजबूत क्यों कर रहा रूस? अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे ने दक्षिण एशिया में जियो-पॉलिटिक्स को बदल दिया है। अफगानिस्तान में चीन और पाकिस्तान की बढ़ती दिलचस्पी ने भारत को भी टेंशन में डाल दिया है। यही कारण है कि इस समय दुनिया का हर एक शक्तिशाली देश इंडो-पैसिफिक के साथ अरब सागर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को बनाए रखना चाहता है। अफगानिस्तान से अमेरिकी फौज की वापसी के बाद रूस को भी दक्षिण एशिया में अपना प्रभुत्व बढ़ाने का मौका नजर आ रहा है। ऐसे में वह पाकिस्तान के सहारे तालिबान को साधने और तजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान जैसे मित्र देशों में शांति स्थापित करने के प्रयास में जुटा हुआ है। रूस के साथ सैन्य सहयोग बढ़ाने के चक्कर में पाकिस्तान अफगानिस्तान में बिगड़ते हालात और एशिया में बनते जियो-पॉलिटिकल एनवायरमेंट को देखकर रूस और पाकिस्तान करीब आ रहे हैं। सितंबर में ही रूस के उप रक्षा मंत्री जनरल अलेक्जेंद्र वी फोमिन ने पाकिस्तान के अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय सैन्य संबंधों को बढ़ाने के लिए बातचीत की थी। सितंबर से लेकर अबतक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कम से कम तीन बार बात भी कर चुके हैं। सितंबर में पाकिस्तानी सेना ने रूसी सेना के साथ द्रुजबा-2021 नाम का संयुक्त अभ्यास भी किया था।

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