डॉ. गुलेरिया ने कही सुकून भरी बात, डेल्टा जैसी खतरनाक लहर आने का खतरा अब है कम

Swati
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डॉ. गुलेरिया ने कही सुकून भरी बात, डेल्टा जैसी खतरनाक लहर आने का खतरा अब है कम
Feb 19th 2022, 03:16

नई दिल्ली: एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि सेकेंड वेव जैसी वेव अब आने की उम्मीद कम है। उन्होंने यह भी कहा कि महामारी का कंट्रोल अस्पताल में नहीं, कम्यूनिटी पर निर्भर है। देश की जनता जैसा व्यवहार करेगी, उसका वैसा ही असर दिखेगा। इस महामारी में न केवल हेल्थकेयर वर्कर बल्कि देश का एक-एक आदमी फ्रंटलाइन वर्कर और कोविड वॉरियर है। बच्चों के वैक्सीनेशन को लेकर इस संशय में न रहें कि फायदा होगा, नुकसान होगा। जिस उम्र के बच्चों के लिए वैक्सीन उपलब्ध है, वैक्सीन लेकर उसे प्रोटेक्ट कर लिया जाए तो बेहतर होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय की पहल पर शुक्रवार को एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर गुलेरिया ने डॉक्टर आरती विज के साथ इंस्टाग्राम प्लैटफार्म पर कोविड और इससे जुड़े मुद्दे पर चर्चा की। चर्चा की शुरुआत में डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि आज हम कहीं ज्यादा बेहतर स्थिति में हैं। यह सर्ज, पिछले सर्ज की तुलना में काफी नियंत्रण में रहा। अब सेकेंड वेव (डेल्टा वेरिएंट) की तरह सर्ज आने की संभावना कम है। उन्होंने केंद्र सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि शुरू से ही सरकार ने इस पर अच्छी पहल की। समय पर जनता कर्फ्यू, फिर लॉकडाउन, कोविड बिहेवियर के लिए जागरूकता जैसे कार्यक्रम लेकर आए और आज हम दुनिया के कई देशों से बेहतर स्थिति में हैं। वैक्सीनेशन प्रोग्राम को लेकर उन्होंने कहा कि याद है मुझे 2009 में जब एच1एन1 आया था तो उस समय मीडिया यह कहती थी कि हमारे पास अपनी वैक्सीन क्यों नहीं है? आज स्थिति बिल्कुल अलग है। हमारे पास अपनी वैक्सीन है और आज आधा दर्जन से ज्यादा वैक्सीन देश में बन रही है। दुनिया में पहली बार प्लाज्मा डीएनए वैक्सीन देश में बनाया जा रहा है। एमआरएनए तकनीकी और प्रोटीन सब यूनिट वाला वैक्सीन उपलब्ध है। इस महामारी के खिलाफ हमारा वैक्सीनेशन प्रोग्राम एक तरह से सक्सेस स्टोरी है। डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि जहां तक वैक्सीनेशन प्रोग्राम की बात है तो देश में पहले से मिशन इंद्रधनुष चल रहा था, लेकिन यह बच्चों और प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए है। लेकिन सरकार की पहल पर कोविन ऐप बनाया गया और इसका संचालन संभव हुआ। यही नहीं, डिस्ट्रीब्यूशन चैन के लिए केंद्र व स्टेट ने मिलकर काम किया जिसका नतीजा है कि रूरल एरिया में वैक्सीनेशन जोर-शोर से चल रहा है। इसके लिए ड्रोन का इस्तेमाल हो रहा है, हर घर दस्तक शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों में वैक्सीनेशन हो रहा है। अब हमें इस उलझन में नहीं रहना चाहिए कि इसका फायदा होगा या नुकसान, बच्चों को प्रोटेक्ट करने के लिए वैक्सीनेशन जरूर कराएं। 'देश का हर नागरिक कोरोना वॉरियर है'हेल्थकेयर वर्कर के योगदान की चर्चा करते हुए डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि मेरी समझ से इस महामारी में देश का हर नागरिक कोरोना वॉरियर है। अपने-अपने स्तर पर सभी ने योगदान दिया है, किसी ने दवा बांटी है तो किसी ने ऑक्सिजन। किसी ने खाना बांटा है तो किसी ने इलाज किया है। वैज्ञानिकों ने वैक्सीन बनाकर योगदान किया तो किसी ने पीपीई किट व मास्क बनाकर अपना फर्ज निभाया। एक समय हमारे पास पीपीई किट व एन 95 मास्क नहीं होते थे, आज इसकी सप्लाई कर रहे हैं। ये सभी कोरोना वॉरियर हैं। अब इस महामारी को अस्पताल नहीं, कम्यूनिटी के योगदान से और रोक पाना संभव होगा।

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