नई दिल्ली:
रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा आयोजित की गई एनटीपीसी सीबीटी-1 परीक्षा को लेकर विरोध बढ़ता ही जा रहा है। रेलवे द्वारा रिजल्ट पर पुनर्विचार किए जाने की घोषणा के बाद भी गया में खड़ी ट्रैन की बोगियों में आग लगा दी गई। रेलवे एनटीपीसी भर्ती परीक्षा को लेकर विरोध करने वाले ऐसे उम्मीदवारों पर अब रेलवे कार्यवाही करेगा, जो देश की संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ करने समेत गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल अभ्यर्थियों के रेलवे में करियर का सपना अधूरा ही रह जाएगा। कयोंकि, अब ऐसे उम्मीदवारों के लिए रेलवे में भर्ती पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। बिहार में प्रदर्शन की घटना के एक दिन बाद रेलवे ने यह बयान दिया है।
रेलवे द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि "इस तरह की दिशाहीन गतिविधियां अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा हैं, जो ऐसे लोगों को रेलवे में भर्ती के अयोग्य बनाती हैं। ऐसी गतिविधियों में शामिल उम्मीदवारों को वीडियो परीक्षण के जरिए चिन्हित किया जाएगा। गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल अभ्यर्थियों या नौकरी के इच्छुक ऐसे अभ्यर्थियों को रेलवे में भर्ती पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। ऐसे अभ्यर्थी खिलाफ पुलिस कार्रवाई के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे।''
अभ्यर्थियों ने रेलवे भर्ती बोर्ड के नॉन-टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी (आरआरबी एनटीपीसी) परीक्षा के परिणाम में कथित गड़बड़ी को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया था। यह विरोध प्रदर्शन सोमवार देर शाम तक जारी रहा। इसके कारण पटना में कम से कम पांच लंबी दूरी की ट्रेन को रद्द करना पड़ा, जबकि राजेंद्र नगर टर्मिनल पर पटरी के बाधित होने से कई ट्रेन के मार्ग को परिवर्तित करना पड़ा।
क्या है पूरा मामला
रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा आयोजित की एनटीपीसी सीबीटी1 के रिजल्ट को लेकर उम्मीदवार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में रेलवे ने रिजल्ट पर पुनर्विचार का फैसला किया है। इसके लिए एक कमेटी भी बनाई गई है, जिसमें परीक्षा दे चुके उम्मीदवारों को भी शामिल किया गया है। विरोध प्रदर्शन में जो उम्मीदवार इनको लीड कर रहे हैं, वे रिजल्ट पर पुनर्विचार के फैसले में साथ रहेंगे। इसके लिए रेलवे ने अपनी ग्रुप डी और एनटीपीसी सीबीटी-2 परीक्षा पर भी रोक लगा दी है।
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