दनकौर के सिंडिकेट बैंक में डकैती में कामयाबी मिलने के बाद सभी छह आरोपी करोड़पति बनने का सपना देखने लगे थे। सभी ने बैठक कर दनकौर के ही भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ब्रांच को अगला निशाना बनाने की योजना बना ली थी।
यही नहीं डकैती के लिए रेकी कर बैंक में सबसे ज्यादा कैश वाले दिन की भी जानकारी जुटा ली गई थी।
पूछताछ में खुलासा हुआ है कि गिरोह के सरगना करतार सिंह ने पांचों साथियों को करीब तीन माह तक लूट और छिनैती के अलावा हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया था।
जब पांचों ने एक के बाद एक लूट की 20 वारदात को अंजाम दिया तो करतार ने भरतपाल, ओमन, गवेंद्र, विनोद फौजी और भीम को क्राइम की परीक्षा में पास मानते हुए अपने गैंग में शामिल करने की मौखिक घोषणा कर दी।
उसने पांचों को लूटपाट करने के बजाय बड़ा हाथ मारने की तैयारी करने को कहा। जिसके बाद करतार ने बैंक डकैती की योजना बना डाली।
पिछले दिनों गिरफ्तार हुए आरोपी भरतपाल ने भी पुलिस के सामने खुलासा किया था कि करतार कहे तो किसी भी बैंक में डाका डाल सकता था।
पुलिस के मुताबिक करतार सिंह बदमाश है और डकैती करने में उसकी अहम भूमिका थी। उस पर दिल्ली और यूपी में 11 मामले दर्ज हैं। हत्या का भी आरोप करतार पर है।
