पुलिस ने एक माह पूर्व हुई हत्या मामले में दो आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गांव बिलोचपुर के गजराज व धनसिंह को गिरफ्तार कर 2 दिसंबर को अदालत में पेश कर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था।
पूछताछ में आरोपियों ने कई राज उगले हैं। इस मामले में पुलिस अब मानव अंगों की तस्करी के एंगल से भी जांच कर रही है क्योंकि साफी से गला दबाने के बाद राजेंद्र के शरीर को काट दिया गया था।
मृतक की गर्दन से कमर के बीच का पुरा हिस्सा गायब था। पोस्टमार्टम� के बाद पता चला था कि शरीर से दिल, फेफड़े, गुर्दे और सांस की नली निकाल ली गई थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रिमांड में आरोपियों ने कई राज उगले हैं। हालांकि मुख्य आरोपी प्रेमराज अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही मामले का पर्दाफाश होगा।
गांव बिलोचपुर के खेत में 31 अक्तूबर को गांव निवासी राजेंद्र का शव बरामद हुआ था। उसकी साफी से गला दबकर हत्या की गई थी। बाद में उसके शरीर को चाकुओं से गोदा गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि उसके शरीर से कई अंग गायब थे।
होडल सीआईए के प्रभारी नानक चंद के अनुसार इस केस में पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा था। इस बीच मुखबिर से सूचना मिली कि हत्या करने में गांव बिलोचपुर के ही तीन लोग शामिल हैं। एक दिसंबर को गजराज व धनसिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। मुख्य आरोपी प्रेमराज की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
गांव बिलोचपुर के खेत में 31 अक्तूबर को गांव निवासी राजेंद्र का शव बरामद हुआ था। उसकी साफी से गला दबकर हत्या की गई थी। बाद में उसके शरीर को चाकुओं से गोदा गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि उसके शरीर से कई अंग गायब थे।
होडल सीआईए के प्रभारी नानक चंद के अनुसार इस केस में पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा था। इस बीच मुखबिर से सूचना मिली कि हत्या करने में गांव बिलोचपुर के ही तीन लोग शामिल हैं। एक दिसंबर को गजराज व धनसिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। मुख्य आरोपी प्रेमराज की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
