उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शाहदरा इलाके में एक ढाई वर्षीय बच्चे में पोलियो स्ट्रेन मिलने के मामले को भले ही स्वास्थ्य विभाग एक सामान्य मामला बता रहा है, लेकिन इस केस के सामने आने के बाद से स्वास्थ्य विभाग सकते में है।
पोलियो स्ट्रेन (पी टू) सामने आने के बाद उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शाहदरा इलाके में इम्युनाइजेशन कार्यक्रम चलाया गया और एहतियातन तीन दर्जन लोगों के नमूनों की जांच के अलावा उस इलाके में सीवर से सात जगहों से लिए गए नमूनों की भी जांच की गई है।
दिल्ली सरकार के ऑफिसर ऑफ स्पेशल ड्यूटी (पोलियो) डॉ. सीएम खनीजो के मुताबिक, ढाई वर्षीय बच्चे के नमूनों की जांच 3 नवंबर को की गई थी। 4 नवंबर को आई रिपोर्ट में बताया गया कि बच्चे में पोलियो का पी टू स्ट्रेन वायरस है।
पोलियो स्ट्रेन (पी टू) सामने आने के बाद उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शाहदरा इलाके में इम्युनाइजेशन कार्यक्रम चलाया गया और एहतियातन तीन दर्जन लोगों के नमूनों की जांच के अलावा उस इलाके में सीवर से सात जगहों से लिए गए नमूनों की भी जांच की गई है।
दिल्ली सरकार के ऑफिसर ऑफ स्पेशल ड्यूटी (पोलियो) डॉ. सीएम खनीजो के मुताबिक, ढाई वर्षीय बच्चे के नमूनों की जांच 3 नवंबर को की गई थी। 4 नवंबर को आई रिपोर्ट में बताया गया कि बच्चे में पोलियो का पी टू स्ट्रेन वायरस है।
यह वायरस पोलियो के लिए दी जाने वाली दवा के बाद वैसे बच्चों में होने का खतरा रहता है जिसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता की बेहद कमी होती है। लाखों बच्चों में से एक बच्चे में पोलियो की दवा का असर नहीं हो पाता है। पी2 स्ट्रेन वायरस की वैक्सीन को नियमित टीकाकरण से अप्रैल 2016 से हटा लिया जाएगा।
आसपास के बच्चों में की गई जांच में कोई और मामला फिलहाल सामने नहीं आया है। सीवर से लिए गए जांच सैंपल में भी ऐसा कुछ नहीं मिला जिससे परेशान हुआ जाए।
विभाग के अधिकारियों की मानें तो पोलियो का पी टू स्ट्रेन 1999 में ही खत्म हो गया था, लेकिन संयोग है कि पोलियो का पी टू स्ट्रेन का मामला सामने आया है। 1999 के बाद अभी तक देश में पी टू स्ट्रेन के करीब 45 मामले सामने आ चुके हैं।
आसपास के बच्चों में की गई जांच में कोई और मामला फिलहाल सामने नहीं आया है। सीवर से लिए गए जांच सैंपल में भी ऐसा कुछ नहीं मिला जिससे परेशान हुआ जाए।
विभाग के अधिकारियों की मानें तो पोलियो का पी टू स्ट्रेन 1999 में ही खत्म हो गया था, लेकिन संयोग है कि पोलियो का पी टू स्ट्रेन का मामला सामने आया है। 1999 के बाद अभी तक देश में पी टू स्ट्रेन के करीब 45 मामले सामने आ चुके हैं।
