1984 में दिल्ली में हुए सिख विरोधी दंगों के आरोपी जगदीश टाइटलर पर शनिवार शादी समारोह में एक सिख युवक ने हमला कर दिया। हालांकि इस हमले में उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जगदीश टाइटलर शनिवार रात एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए मेहरौली के ओसियन फार्म हाउस में पहुंचे थे। हमला करने वाले युवक से पहले टाइटलर की बहस हुई जिसके बाद उसने उन पर कांच के गिलास से हमला कर दिया।
हमला करने वाले युवक का नाम उमंग सिंह भाटिया बताया जा रहा जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मालूम हो कि चार दिसंबर को ही दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने सिख दंगे मामले में सीबीआई को अपनी जांच जारी रखने का आदेश दिया है।
23 वर्षीय उमंग सिंह भाटिया के पिता वरिष्ठ सरकारी कर्मचारी हैं जबकि उसकी मां दिल्ली के ही गुरुद्वारे में डॉक्टर का काम करती है।
बता दें कि 31 साल पुराने सिख दंगे मामले में सीबीआई ने सबूतों के अभाव में कोर्ट के सामने अपनी क्लोजर रिपोर्ट पेश की थी जिसे अस्वीकार करते हुए कोर्ट ने इस जांच को जारी रखने और सबूतों की फिर से जांच का आदेश दे दिया।
1984 में हुए सिख दंगों के पीड़ित सीबीआई की क्लीन चिट देने के खिलाफ रेशम सिंह, आलम सिह और चंचल सिंह के नाम देकर इस मामले की जांच दोबारा शुरु कराने की मांग की गई थी।
हालांकि इस मामले में सीबीआई द्वारा टाइटलर को तीन बार क्लिन चीट दी चुकी है। पीड़ितों ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ प्रोटेस्ट रिपोर्ट दाखिल करते हुए सीबीआई पर ही सवाल खड़ा कर दिया।
1984 के सिख दंगा पीड़ितों का आरोप है कि सीबीआई राजनीतिक दबाव में काम कर रही है और उपलब्ध सबूतों की अनदेखी कर रही है। इस याचिका के बाद कोर्ट ने सीबीआई को इस जांच को जारी रखने का आदेश दे दिया।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के दौरान दिल्ली में हुए सिख दंगों में 1 नवंबर 1984 पुल बंगश इलाके में भी हिंसा हुई। इस इलाके के एक गुरद्वारे में बादल सिंह, ठाकुर सिंह और गुरचरण सिंह की हत्या कर दी गई।
इस मामले में कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर को आरोपी बनाया गया है। जांच सीबीआई को दी गई जिसने अपनी क्लोजर रिपोर्ट में कहा कि टाइटलर के खिलाफ कोई सबूत न मिलने के कारण जांच बंद कर दी जानी चाहिए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जगदीश टाइटलर शनिवार रात एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए मेहरौली के ओसियन फार्म हाउस में पहुंचे थे। हमला करने वाले युवक से पहले टाइटलर की बहस हुई जिसके बाद उसने उन पर कांच के गिलास से हमला कर दिया।
हमला करने वाले युवक का नाम उमंग सिंह भाटिया बताया जा रहा जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मालूम हो कि चार दिसंबर को ही दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने सिख दंगे मामले में सीबीआई को अपनी जांच जारी रखने का आदेश दिया है।
23 वर्षीय उमंग सिंह भाटिया के पिता वरिष्ठ सरकारी कर्मचारी हैं जबकि उसकी मां दिल्ली के ही गुरुद्वारे में डॉक्टर का काम करती है।
बता दें कि 31 साल पुराने सिख दंगे मामले में सीबीआई ने सबूतों के अभाव में कोर्ट के सामने अपनी क्लोजर रिपोर्ट पेश की थी जिसे अस्वीकार करते हुए कोर्ट ने इस जांच को जारी रखने और सबूतों की फिर से जांच का आदेश दे दिया।
1984 में हुए सिख दंगों के पीड़ित सीबीआई की क्लीन चिट देने के खिलाफ रेशम सिंह, आलम सिह और चंचल सिंह के नाम देकर इस मामले की जांच दोबारा शुरु कराने की मांग की गई थी।
हालांकि इस मामले में सीबीआई द्वारा टाइटलर को तीन बार क्लिन चीट दी चुकी है। पीड़ितों ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ प्रोटेस्ट रिपोर्ट दाखिल करते हुए सीबीआई पर ही सवाल खड़ा कर दिया।
1984 के सिख दंगा पीड़ितों का आरोप है कि सीबीआई राजनीतिक दबाव में काम कर रही है और उपलब्ध सबूतों की अनदेखी कर रही है। इस याचिका के बाद कोर्ट ने सीबीआई को इस जांच को जारी रखने का आदेश दे दिया।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के दौरान दिल्ली में हुए सिख दंगों में 1 नवंबर 1984 पुल बंगश इलाके में भी हिंसा हुई। इस इलाके के एक गुरद्वारे में बादल सिंह, ठाकुर सिंह और गुरचरण सिंह की हत्या कर दी गई।
इस मामले में कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर को आरोपी बनाया गया है। जांच सीबीआई को दी गई जिसने अपनी क्लोजर रिपोर्ट में कहा कि टाइटलर के खिलाफ कोई सबूत न मिलने के कारण जांच बंद कर दी जानी चाहिए।
