पलवल के समीप रेल हादसा क्यों हुआ इसका पता लगाने में रेलवे अधिकारी जुट गए हैं। दुर्घटना स्थल से लौट कर आए दिल्ली रेल मंडल के अधिकारियों का मानना है कि हादसा ईएमयू ट्रेन के ड्राइवर की गलतियों के कारण ही हुआ, हालांकि फाइनल रिपोर्ट सीआरएस की जांच के बाद ही आ सकेगी।
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी नीरज शर्मा का कहना है कि प्रथम दृष्टया ईएमयू ट्रेन ड्राइवर की गलती मालूम पड़ती है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मंगलवार की सुबह ट्रैक पर घने कोहरा का प्रभाव भी था।
ऐसे में अगर ड्राइवर सूझबूझ दिखाता तो ट्रेन की टक्कर नहीं होती। ऑटो सिग्नलिंग प्रणाली में ड्राइवर को अपने विवेक का भी इस्तेमाल करना होता है। ड्राइवर को हार्ट अटैक आने की संभावना से उन्होंने इंकार किया।
शर्मा का कहना है कि ट्रेन में एक डेड मैन स्वीच होता है। जिसे ड्राइवर को बराबर दबाए रहना होता है। अगर इस स्वीच या डेड मैन हैंडल को थोड़ी देर के लिए भी छोड़ दिया जाता है तो ट्रेन में ऑटोमेटिक ब्रेक लगना शुरू हो जाता है।
अगर ड्राइवर को हार्ट अटैक आया होता तो फिर उसका हाथ डेड मैन हैंडल से छूट गया होता और ट्रेन की रफ्तार ऑटोमेटिक धीमी पड़ जाती, लेकिन जिस तरह से टक्कर हुई है उससे देखकर ऐसा लगता है कि ईएमयू ट्रेन की गति ज्यादा थी।
कोहरे के समय ट्रेन की स्पीड भी कम रखनी होती है। लिहाजा इसे मानव भूल कहा जा सकता है। हालांकि उन्होंने कहा अभी तमाम पहलू की जांच होनी है। जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि यह हादसा क्यों और कैसे हुआ। कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगी।
