जिससे प्यार किया, उससे ही शादी करने चला था वो। शादी स्थल पर दूल्हा हाथ में वरमाला पकड़े रह गया, लेकिन दुल्हन नहीं आई। कारण, चौंकाने वाला था।
मामला, पंजाब के अमृतसर का शहर का है। यहां अमृतसर के लड़के जसविंदर सिंह का अपनी गली की ही लड़की नीतू के साथ विवाह होने वाला था। दोनों का यह प्रेम विवाह था और गुरुद्वारा पिपली साहिब में दोनों के फेरे होने थे।
जसविंदर सिंह अपने रिश्तेदारों को लेकर गुरुद्वारे में पहुंच गया। वह सुबह से हाथ में सेहरा पकड़ कर दुल्हन का इंतज़ार करता रहा लेकिन वह न आई। जसविंदर सिंह ने फ़ोन करके नीतू को न आने का कारण पूछा तो उसने बताया कि वह तो लाल जोड़े में तैयार बैठी थी लेकिन उसके भाइयों ने उसे पीट-पीट कर कमरे में बंद कर दिया।
नीतू के भाई संदीप और लाडी पहले से इस रिश्ते के ख़िलाफ़ था। जसविंदर के साथ भी उनका झगड़ा होता था। गांव के विधायक दिलबाग ने नीतू के भाइयों को विवाह के लिए राजी किया था लेकिन विवाह वाले दिन ही उनकी नीयत फिर बदल गई और उन्होंने नीतू को कमरे में बंद कर दिया।
मजीठा रोड के शहनाई पेलेस में विवाह की पार्टी थी। सभी रिश्तेदार पहुंचे थे, वहां जसविंदर, उसकी बहन और अन्य रिश्तेदार गुरुद्वारा साहिब में नीतू का इंतज़ार करते रहे। नीतू की मां भी गुरूद्वारे में थी। अंत जसविंदर जिस कार में बारात लेकर आया उसी कार में पुलिस कमिश्नर ऑफिस जाकर नीतू के भाइयों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई।
मामला, पंजाब के अमृतसर का शहर का है। यहां अमृतसर के लड़के जसविंदर सिंह का अपनी गली की ही लड़की नीतू के साथ विवाह होने वाला था। दोनों का यह प्रेम विवाह था और गुरुद्वारा पिपली साहिब में दोनों के फेरे होने थे।
जसविंदर सिंह अपने रिश्तेदारों को लेकर गुरुद्वारे में पहुंच गया। वह सुबह से हाथ में सेहरा पकड़ कर दुल्हन का इंतज़ार करता रहा लेकिन वह न आई। जसविंदर सिंह ने फ़ोन करके नीतू को न आने का कारण पूछा तो उसने बताया कि वह तो लाल जोड़े में तैयार बैठी थी लेकिन उसके भाइयों ने उसे पीट-पीट कर कमरे में बंद कर दिया।
नीतू के भाई संदीप और लाडी पहले से इस रिश्ते के ख़िलाफ़ था। जसविंदर के साथ भी उनका झगड़ा होता था। गांव के विधायक दिलबाग ने नीतू के भाइयों को विवाह के लिए राजी किया था लेकिन विवाह वाले दिन ही उनकी नीयत फिर बदल गई और उन्होंने नीतू को कमरे में बंद कर दिया।
मजीठा रोड के शहनाई पेलेस में विवाह की पार्टी थी। सभी रिश्तेदार पहुंचे थे, वहां जसविंदर, उसकी बहन और अन्य रिश्तेदार गुरुद्वारा साहिब में नीतू का इंतज़ार करते रहे। नीतू की मां भी गुरूद्वारे में थी। अंत जसविंदर जिस कार में बारात लेकर आया उसी कार में पुलिस कमिश्नर ऑफिस जाकर नीतू के भाइयों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई।
