देश की राजधानी में एक बार फिर से सरकारी व्यवस्था की संवेदनहीनता अपने चरम पर दिखाई दी। रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा विकलांग उम्मीदवारों की भर्ती के लिए परीक्षा का आयोजन एक इमारत की दूसरी और तीसरी मंजिल पर किया गया।
विकलांग छात्रों के लिए पहले तो परीक्षा का आयोजन दूसरी और तीसरी मंजिल पर किया गया साथ ही वहां तक पहुंचने के लिए इमारत में न तो लिफ्ट की सुविधा थी और न ही कोई रैम्प जिसके सहारे विकलांग उम्मीदवार आसानी से परीक्षा हाल तक पहुंच सकें।
बता दें कि रेलवे भर्ती बोर्ड सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 450 पदों पर भर्ती के लिए विशेष ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया का आयोजन कर रही है।
इसी के तहत बृहस्पतिवार को पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर इलाके के एक साइबर कैफे में ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की गई थी।
रीक्षा देने आए छात्रों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि पहले तो हमें विशेष कोटे के पदों को भरने के लिए कोर्ट का सहारा लेना पड़ता है और उसके बाद परीक्षा देने के लिए भी इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है।
खुद रेलवे के अधिकारियों ने भी देश भर के 142 केंद्रो पर आयोजित इस परीक्षा में दस ऐसे सेंटरों के होने की बात स्वीकार की है जहां छात्रों को पेरशानी का सामना करना पड़ा।
दिल्ली के पांडव नगर स्थित परीक्षा केंद के अलावा बंगलुरु और देश के अन्य आठ केंद्रों पर भी छात्रों ने इसी तरह के परेशानी की शिकायत की है।
बता दें कि रेलवे भर्ती बोर्ड ने नॉन टेक्निकल श्रेणी में विशेष कोटे के पदों पर भर्ती के लिए अखबारों में आवेदन दिया था जिसके बाद देश भर के 142 केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया गया था।
विकलांग छात्रों के लिए पहले तो परीक्षा का आयोजन दूसरी और तीसरी मंजिल पर किया गया साथ ही वहां तक पहुंचने के लिए इमारत में न तो लिफ्ट की सुविधा थी और न ही कोई रैम्प जिसके सहारे विकलांग उम्मीदवार आसानी से परीक्षा हाल तक पहुंच सकें।
बता दें कि रेलवे भर्ती बोर्ड सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 450 पदों पर भर्ती के लिए विशेष ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया का आयोजन कर रही है।
इसी के तहत बृहस्पतिवार को पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर इलाके के एक साइबर कैफे में ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की गई थी।
रीक्षा देने आए छात्रों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि पहले तो हमें विशेष कोटे के पदों को भरने के लिए कोर्ट का सहारा लेना पड़ता है और उसके बाद परीक्षा देने के लिए भी इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है।
खुद रेलवे के अधिकारियों ने भी देश भर के 142 केंद्रो पर आयोजित इस परीक्षा में दस ऐसे सेंटरों के होने की बात स्वीकार की है जहां छात्रों को पेरशानी का सामना करना पड़ा।
दिल्ली के पांडव नगर स्थित परीक्षा केंद के अलावा बंगलुरु और देश के अन्य आठ केंद्रों पर भी छात्रों ने इसी तरह के परेशानी की शिकायत की है।
बता दें कि रेलवे भर्ती बोर्ड ने नॉन टेक्निकल श्रेणी में विशेष कोटे के पदों पर भर्ती के लिए अखबारों में आवेदन दिया था जिसके बाद देश भर के 142 केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया गया था।
