Raped woman's mind and body, not an attack on privacy./ रेप शरीर पर ही नहीं बल्कि निजता पर भी हमला

Swati
0
अदालत ने पडोसी में रहने वाली महिला से रेप के आरोपी सत्यजीत कुमार जयसवाल को सात वर्ष कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि दोषी के नीच कृत्य को देखते हुए उसके साथ सहानुभूति नहीं बरती जा सकती।

अदालत ने साथ ही उस पर पांच हजार रुपये जुर्माना भी किया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव जैन ने अपने फैसले में कहा कि हमें रेप से पीड़िता की दुर्दशा को देखना होगा।

दोषी ने उसके शरीर पर ही हमला नहीं किया बल्कि पीड़िता के मन और उसकी निजता पर भी हमला किया है।

अदालत ने कहा कि पीड़िता की गरिमा पर आघात किया गया है। ऐसे मामले बढ़ रहे हैं और अधिकांश मामलों को दर्ज ही नहीं करवाया जाता।

ऐसा अपराध समाज पर कलंक है। ऐसे दोषी को कड़ी सजा दी जानी जरूरी है ताकि इस प्रकार के मामलों पर अंकुश लगाया जा सके। साथ ही अदालत ने दिल्ली कानूनी सलाह बोर्ड को निर्देश दिया कि पीड़िता को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।

अदालत ने कहा कि आम तौर पर एक महिला रेप जैसा झूठा मामला दर्ज नहीं करवाती क्योंकि उसे पता है कि मामले में उसकी प्रतिष्ठा जुड़ी होती है।

उसे यह भी पता होता है कि रेप के मामले में समाज व उसके निकट संबंधियों द्वारा उसे त्याग दिया जा सकता है। अभियोजन पक्ष के अनुसार उत्तरी दिल्ली निवासी महिला का पति घटना के समय घर पर नहीं था और बच्चें भी टयू्शन पर गए थे। आरोपी ने महिला को अकेला पाकर उससे जबरन रेप किया था।

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)