increase in vegetable rates in monsoon..know the new rates / सावन में बढ़े सब्जियों के नखरे, जानिए क्या-क्या हैं रेट?

Swati
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सावन शुरू होते ही प्याज और आलू के बढ़े रेट ने एक बार फिर लोगों को रुलाना शुरू कर दिया है। इस समय शहर में प्याज की सप्लाई नासिक से हो रही है। हालांकि डीजल सस्ता होने के बावजूद रेट कम होने की जगह बढ़े हैं। 

वहीं रविवार को सेक्टर-26 मंडी में पहाड़ी आलू का रेट 30 से 35 रुपये प्रति किलो तक था। जबकि देसी आलू 10 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। पिछले साल भी इन दिनों प्याज और आलू के रेट में काफी इजाफा हो गया था। इसके बाद प्रशासन ने शहर में 4 मोबाइल वैन अलग अलग एरिया में चलाई थी। 

प्याज के रेट जल्द गिरेंगे : राजेंद्र
मंडी में रोजाना 4 ट्रक प्याज आता है। यानी कुल खपत 40 टन है। मार्केट कमेटी के सचिव राजेंद्र कुमार का कहना है कि आगे प्याज के रेट बढ़ने की उम्मीद नहीं है। उनका कहना है कि जल्द ही प्याज की नई फसल आने वाली है।

10 रुपये का अंतर क्यों

प्याज और आलू के होलसेल के रेट में भारी अंतर है। होलसेल में प्याज का रेट 30 से 32 रुपये किलो है। जो बाजार में परचून में 10 रुपये महंगा बेचा जा रहा है। इसी तरह से पहाड़ी आलू का होलसेल रेट 20 से 25 रुपये प्रति किलो है।

प्रशासन के एप में सही रेट नहीं
शहरवासियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने स्मार्ट सिटी के नाम से मोबाइल एप बनाया है। जहां पर खाद्य पदार्थों के अलावा फल और सब्जी के रेट भी बताए जाते हैं। लेकिन यहां आलू और प्याज के रेट की सही जानकारी नहीं है। एप के अनुसार प्याज का रेट 20 से 25 रुपये किलो है। जबकि टमाटर का रेट 40 से 45 रुपये किलो है। जबकि टमाटर का रेट 20 रुपये किलो है।

अन्य सब्जियों के रेट घटे 
स्माल सेलर वेजिटेबल एसोसिएशन के अध्यक्ष देसराज का कहना है कि इस समय प्याज और पहाड़ी आलू के रेट बढ़ रहे हैं। जबकि अन्य सब्जियों के रेट में कमी आ रही है। 

प्रशासन शुरू कर मोबाइल वैन
फासवेक के मुख्य प्रवक्ता हितेश पुरी का कहना है कि प्रशासन को सब्जियों के होलसेल से परचून के रेट में भी संतुलन बनाने का काम करना चाहिए। ताकि लोगों को सही रेट पर सब्जियां मिल सके। उनका कहना है कि प्रशासन फिर से प्याज और आलू कम रेट में बेचने के लिए मोबाइल वैन शुरू करनी चाहिए।

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