दिल्ली जैसे शहर में भी धड़ल्ले से पैसे लेकर अल्ट्रासाउंड करके गर्भ में पल रहे पल रहे नवजात का लिंग बताया जा रहा है। ऐसे ही एक व्यक्ति को पश्चिमी जिला एसडीएम ने छापेमारी करके गिरफ्त में लिया है।
मामले में निहाल विहार थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस भी मामले की छानबीन कर रही है। एसडीएम सत्येंद्र एस. दरसावत ने बताया कि सूचना मिली थी कि निहाल विहार स्थित दिशा मेडिकल और गायनी डायग्नोस्टिक सेंटर चला रहा है।
सेंटर में एक नकली ग्राहक बनाकर भेजा गया। सेंटर चला रहा व्यक्ति 10 हजार रुपये लेकर अल्ट्रासाउंड करके यह बताने को तैयार हो गया कि गर्भस्थ शिशु लड़का है या लड़की।
पूछताछ में पता चला है कि आरोपी ग्रेजुएट है और पिछले करीब छह माह से सेंटर चला रहा था। उसके पास न तो सेंटर चलाने का लाइसेंस है और न ही अल्ट्रासाउंड करने की जरूरी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा था।
मामले में निहाल विहार थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस भी मामले की छानबीन कर रही है। एसडीएम सत्येंद्र एस. दरसावत ने बताया कि सूचना मिली थी कि निहाल विहार स्थित दिशा मेडिकल और गायनी डायग्नोस्टिक सेंटर चला रहा है।
सेंटर में एक नकली ग्राहक बनाकर भेजा गया। सेंटर चला रहा व्यक्ति 10 हजार रुपये लेकर अल्ट्रासाउंड करके यह बताने को तैयार हो गया कि गर्भस्थ शिशु लड़का है या लड़की।
वह उस मरीज को अल्ट्रासाउंड के लिए ले जा रहा था, उसी समय टीम वहां पहुंच गई और सेंटर चला रहे व्यक्ति को अपने गिरफ्त में ले लिया।
पूछताछ में पता चला है कि आरोपी ग्रेजुएट है और पिछले करीब छह माह से सेंटर चला रहा था। उसके पास न तो सेंटर चलाने का लाइसेंस है और न ही अल्ट्रासाउंड करने की जरूरी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा था।
सेंटर से उस रजिस्टर को भी जब्त किया गया है, जिसमें मरीज की जानकारी लिखी होती है। अभी तक की जांच में पता चला है कि आरोपी ने पहले भी रकम लेकर अल्ट्रासाउंड करने के बाद लिंग की जानकारी दी है।
