10 राजाजी मार्ग जहां पूर्व राष्ट्रपति कलाम रहा करते था आज वो वहां नहीं हैं, लेकिन उनसे जुड़ी कुछ खास यादें वहां रह गई हैं। उस घर में उनसे जुड़े लोगों ने कुछ ऐसी बातें बताईं जो बेहद खास और मार्मिक है।
इन बातों से आपको महसूस होगा कि एक राष्ट्रपति इतना सहज और रिश्ते बनाने वाला भी हो सकता है। ये वो लोग हैं जो कई सालों से पूर्व राष्ट्रपति से जुड़े रहे हैं।
जिस तरह से कहा जाता था कि कलाम साहब को पढ़ने का बहुत शौक था, अगर आप इस कमरे में आएंगे तो आपको लगेगा कि किताबों के बिना ये पूर्व राष्ट्रपति अधूरा था।
ये वो जगह है जहां पर कलाम आखिरी बार सिलॉंग जाने से पहले अपनी किताबों में मशरूफ थे। हां दिल्ली पुलिस ने उनके कुछ बॉक्स को सील जरूर किया है।
कमरे में रखी उनकी वीना को हरे कपड़े से ढंक दिया गया है। 30 वाई 30 की लाइब्रेरी में बैठकर कलाम ने आखिरी बार अपना लैक्चर तैयार किया था। यहीं पर जमीन पर बैठकर वीना वजाई थी। अब घर में एक टेबल पर कुछ गुलाबों के साथ कलाम साहब की दो तस्वीर रखी हैं।
उनके कार्यकारी सचिव कहते हैं कि वो जोर दे रहे थे कि हवाई यात्रा के बाद शिलांग में शाम को ही वो अपना लैक्चर दें और फिर चार घंटे की रोड ट्रिप, लेकिन कुछ ही वक्त बाद कलाम साहब नहीं रहे।
कलाम साहब के साथ 24 साल से रह रहे शेरीडॉन पूर्व राष्ट्रपति के बारे में बात करते हुए कहते हैं कि वो कभी बॉस की तरह नहीं थे। उन्होंने कभी मुझे निर्देश नहीं दिए। वो हमेशा कहते थे कि क्या तुम मेरे लिए ये कर सकते हो।
जब कुछ देर बाद मेरा खाना नहीं आता था तो वो बोलते क्यों तुम्हारा फनी स्टफ नही आया और फिर उसे वो याद दिलाते थे। शेरीडॉन आगे कहते हैं कि मैं उनके प्यार को बहुत मिस करता हूं।
आखिरी ट्रिप में कलाम साहब के साथ रहे उनके एक सहायक बताते हैं कि फ्लाईट में मिलते ही कलाम साहब ने उन्हें कैसे स्वागत किया। उन्होंने कहा 'फनी गाय' तुम कहां थे।
दो दिन बाद मैं वहां गया, लेकिन लौटते वक्त वो मेरे साथ नहीं थे। शेरीडॉन कहते हैं कि एक राष्ट्रपति के तौर पर वो अपने खाने का पैसा राष्ट्रपति भवन में देने के लिए कहते थे।
1993 में जब मेरी बाइक चोरी हो गई थी। तो वो मुझे अपनी कार में लेकर साउथ ब्लॉक गए थे और मुझे मंदिर मार्ग छोड़ा जिसके बाद वो घर असिद विलेज गए थे।
इन बातों से आपको महसूस होगा कि एक राष्ट्रपति इतना सहज और रिश्ते बनाने वाला भी हो सकता है। ये वो लोग हैं जो कई सालों से पूर्व राष्ट्रपति से जुड़े रहे हैं।
जिस तरह से कहा जाता था कि कलाम साहब को पढ़ने का बहुत शौक था, अगर आप इस कमरे में आएंगे तो आपको लगेगा कि किताबों के बिना ये पूर्व राष्ट्रपति अधूरा था।
10 राजाजी मार्ग के इस बंगले में उनके बेडरूम से जुड़ी लाइब्रेरी आपको आकर्षित जरूर करेगी। यहां की स्थिति को देखकर आपको लगेगा कि अभी यहां पर किसी ने कुछ भी छुआ नहीं है।
ये वो जगह है जहां पर कलाम आखिरी बार सिलॉंग जाने से पहले अपनी किताबों में मशरूफ थे। हां दिल्ली पुलिस ने उनके कुछ बॉक्स को सील जरूर किया है।
कमरे में रखी उनकी वीना को हरे कपड़े से ढंक दिया गया है। 30 वाई 30 की लाइब्रेरी में बैठकर कलाम ने आखिरी बार अपना लैक्चर तैयार किया था। यहीं पर जमीन पर बैठकर वीना वजाई थी। अब घर में एक टेबल पर कुछ गुलाबों के साथ कलाम साहब की दो तस्वीर रखी हैं।
इस वक्त कलाम साहब का स्टाफ इन सारी चीजों को पैक करने की तैयारी में है। कलाम साहब के निजी सचिव कहते हैं कि उनके शेड्यूल कॉल्स को रद्द करने की तैयारी की जा रही जिसे पूरे साल भर के लिए तैयार किया गया था।
उनके कार्यकारी सचिव कहते हैं कि वो जोर दे रहे थे कि हवाई यात्रा के बाद शिलांग में शाम को ही वो अपना लैक्चर दें और फिर चार घंटे की रोड ट्रिप, लेकिन कुछ ही वक्त बाद कलाम साहब नहीं रहे।
कलाम साहब के साथ 24 साल से रह रहे शेरीडॉन पूर्व राष्ट्रपति के बारे में बात करते हुए कहते हैं कि वो कभी बॉस की तरह नहीं थे। उन्होंने कभी मुझे निर्देश नहीं दिए। वो हमेशा कहते थे कि क्या तुम मेरे लिए ये कर सकते हो।
जब हम यात्रा के दौरान किसी रेस्टोरेन्ट में जाते थे तो वो (पूर्व राष्ट्रपति कलाम) रेस्टोरेन्ट स्टाफ से कहते कि ये शख्स मांसाहारी है क्या आपके पास इसके लिए कुछ है।
जब कुछ देर बाद मेरा खाना नहीं आता था तो वो बोलते क्यों तुम्हारा फनी स्टफ नही आया और फिर उसे वो याद दिलाते थे। शेरीडॉन आगे कहते हैं कि मैं उनके प्यार को बहुत मिस करता हूं।
आखिरी ट्रिप में कलाम साहब के साथ रहे उनके एक सहायक बताते हैं कि फ्लाईट में मिलते ही कलाम साहब ने उन्हें कैसे स्वागत किया। उन्होंने कहा 'फनी गाय' तुम कहां थे।
मैने कहा कि मैं कीर्तन के लिए मुम्बई गया हुआ था। उन्होंने आगे कहा कि तुम क्या सोचते हो तुम्हारे सारे पाप धुल गए। रामेश्वरम जाओ जहां तुम्हारे सारे पाप धुल जाएंगे।
दो दिन बाद मैं वहां गया, लेकिन लौटते वक्त वो मेरे साथ नहीं थे। शेरीडॉन कहते हैं कि एक राष्ट्रपति के तौर पर वो अपने खाने का पैसा राष्ट्रपति भवन में देने के लिए कहते थे।
1993 में जब मेरी बाइक चोरी हो गई थी। तो वो मुझे अपनी कार में लेकर साउथ ब्लॉक गए थे और मुझे मंदिर मार्ग छोड़ा जिसके बाद वो घर असिद विलेज गए थे।
