Smart City Ghaziabad / स्मार्ट सिटी के लिए गाजियाबाद की पहली बाधा पार

Swati
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र्ट सिटी की दौड़ में गाजियाबाद नगर निगम ने पहली बाधा पार कर ली है। बुधवार को लखनऊ में नगर विकास विभाग में हुए प्रेजेंटेशन में नगर निगम को 82.5 अंक मिले हैं।

पहली शार्ट लिस्ट के बाद भी गाजियाबाद नगर निगम का नाम स्मार्ट सिटी की फेहरिस्त में शामिल है। अब दूसरे चरण का प्रेजेंटेशन यूपी के चीफ सेक्रेटरी की मौजूदगी में 31 जुलाई को होगा।

इसके बाद अंतिम सूची तैयार कर प्रदेश में स्मार्ट सिटी के दावेदार शहरों की सूची केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।

बुधवार को नगर आयुक्त अब्दुल समद, अकाउंट ऑफिसर एके मिश्रा और आईटी सेल प्रभारी अंचुल गुप्ता ने स्मार्ट सिटी के लिए गाजियाबाद नगर निगम की ओर से प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने स्मार्ट सिटी के लिए तय मानक बिंदुओं पर गाजियाबाद की स्थिति को रखा।

इनमें हाउस टैक्स कलेक्शन, वाटर सप्लाई, मास ट्रांसपोर्ट सिस्टम, इंटरनल पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम, इलैक्ट्रिसिटी, पार्किंग व्यवस्था, ड्रेनेज सिस्टम, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर, फायर फाइटिंग सिस्टम समेत 20 बिंदु शामिल थे।

हालांकि हाउस टैक्स वसूली और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम में नगर निगम पीछे रहा। बावजूद इसके गाजियाबाद नगर निगम को 82.5 फीसदी अंक मिले हैं।

ऐसे में माना जा रहा है कि स्मार्ट सिटी में शामिल होने वाले यूपी के 13 शहरों में गाजियाबाद का नाम आगे भी बरकरार रहेगा। नगर आयुक्त अब्दुल समद ने बताया कि आगे मुकाबला कड़ा होगा।

31 जुलाई को चीफ सेक्रेटरी के सामने दोबारा प्रेजेंटेशन होगा। इसके बाद केंद्र सरकार के पास अंतिम सूची भेजी जाएगी।

स्मार्ट सिटी की दौड़ में यहां मुकाबला दूसरे राज्यों के शहरों से होगा। उन्होंने स्मार्ट सिटी में गाजियाबाद के चयन की प्रबल उम्मीद जताई है।

मोदीनगर हुआ बाहर 
स्मार्ट सिटी की दौड़ में मोदीनगर समेत यूपी की प्रमुख नगर पालिकाओं को भी भाग लेने के लिए लखनऊ बुलाया गया था। नगर पालिकाओं ने भी टैक्स वसूली, संसाधनों का प्रेजेंटेशन दिया।

मोदीनगर पालिका के चयनित होने की संभावना जताई जा रही थी। बुधवार को पहले ही फेज में मोदीनगर पालिका दौड़ से बाहर हो गई।

सबने सराहा...मिला जो चाहा
‘देश में स्मार्ट सिटी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक महत्वाकांक्षी योजना है। गाजियाबाद को इस योजना में शामिल किए जाने पर प्रधानमंत्री का मैं और मेरे संसदीय क्षेत्र गाजियाबाद की जनता हमेशा उनकी शुक्रगुजार रहेगी।’ - वीके सिंह, सांसद एवं केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री

दिल्ली से सटा होने के बावजूद शहर विकास में पिछड़ा था। मूलभूत सुविधाओं तक को पूरा नहीं किया जा सका। स्मार्ट सिटी में शामिल होने से शहर को उसका वाजिब हक मिला है। लेकिन अब विकास में भी एक समान व्यवहार होना चाहिए। दिल्ली-नोएडा की भीड़ के बाद लोगों का बसेरा अब गाजियाबाद है। इसका स्मार्ट सिटी में शामिल होना हमारे लिए गर्व की बात है। - सुरेश बंसल, शहर विधायक।

‘यह एक अच्छी पहल साबित हो सकती है। दिल्ली से गाजियाबाद की दूरी 15 किलोमीटर है, मगर इस सफर को तय करने में ही डेढ़ घंटे का समय लग जाता है। जीटी रोड, एनएच-24 और 58 का हाल किसी से छिपा नहीं है। ट्रैफिक जाम यहां नासूर बन चुका है। अब उपेक्षित गाजियाबाद को स्मार्ट सिटी की बैठक में हरी झंडी मिली है तो यह मेरे और गाजियाबाद के लोगों के लिए गर्व की बात है। उम्मीद है कि अब गाजियाबाद दौडे़गा।’ - अतुल गर्ग, बीजेपी नेता एवं इंस्टीट्यूट संचालक

‘स्मार्ट सिटी की दौड़ में पहला चरण पार कर लेना निश्चित ही गाजियाबाद के लिए एक अच्छी खबर है। अब आने वाला समय गाजियाबाद के लिए गोल्डन पीरियड साबित होगा, मगर वर्तमान में गाजियाबाद का जो आधारभूत ढांचा है, वह अभी स्मार्ट सिटी के लिए तैयार नहीं है। हमें इसमें भी सुधार करना होगा और उम्मीद है कि शासन-प्रशासन से लेकर स्थानीय बिल्डर और नागरिकों का पूरा सहयोग मिलेगा।’ - मनोज गौड़, डायरेक्टर, क्रासिंग्स रिपब्लिक

‘खुशी की बात है कि गाजियाबाद स्मार्ट सिटी में शामिल होने जा रहा है। अब तेजी से गाजियाबाद का विकास होगा। दिल्ली से सटा होने के कारण गाजियाबाद को स्मार्ट सिटी में शामिल करना ही चाहिए था। इसके लिए गाजियाबाद की जनता केंद्र और प्रदेश सरकार की हमेशा शुक्रगुजार रहेगी।’ - प्रवीण त्यागी, सीएमडी, वीवीआईपी ग्रुप


भले ही स्मार्ट सिटी के तय मानकों से कई स्तरों पर शहर पीछे हो, लेकिन प्रदेश के अन्य शहरों की तुलना में गाजियाबाद में विकास की गति काफी तेज है। थोड़े से प्रयासों से मानकों को पूरा किया जा सकता है। इस लिहाज से शहर के इस प्रोजेक्ट में शामिल होने की पूरी संभावना है। एससी गौड़, सीएटीपी, जीडीए

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