जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को दो डॉक्टरों समेत तीन विदेशियों का एक प्रतिनिधिमंडल पहुंचा।
प्रतिनिधिमंडल यह जानने के लिए आया था कि एक रुपये के पर्चे पर नोएडा के सरकारी अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का क्या मंत्र है।
ये डॉक्टर ब्रिटेन में कार्यरत हैं और दोनों को बाल रोग में दक्षता हासिल है। दिल्ली के मौलाना आजाद अस्पताल समेत देश के कई संस्थानों में दौरे के बाद यह डॉक्टर नोएडा पहुंचे।
इन्होंने बताया कि ब्रिटेन में सरकारी डॉक्टरों को सरकार की ओर से रहने की सुविधा नहीं दी जाती है। यही वजह है कि वहां के डॉक्टर सरकारी अस्पताल के बाद प्राइवेट प्रेक्टिस करते हैं।
�नोएडा के जिला अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ को रहने की सरकारी सुविधा मिलना काफी अच्छा है। एक रुपये में ब्रिटेन में इलाज संभव नहीं है।
प्रतिनिधिमंडल यह जानने के लिए आया था कि एक रुपये के पर्चे पर नोएडा के सरकारी अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का क्या मंत्र है।
ये डॉक्टर ब्रिटेन में कार्यरत हैं और दोनों को बाल रोग में दक्षता हासिल है। दिल्ली के मौलाना आजाद अस्पताल समेत देश के कई संस्थानों में दौरे के बाद यह डॉक्टर नोएडा पहुंचे।
इन्होंने बताया कि ब्रिटेन में सरकारी डॉक्टरों को सरकार की ओर से रहने की सुविधा नहीं दी जाती है। यही वजह है कि वहां के डॉक्टर सरकारी अस्पताल के बाद प्राइवेट प्रेक्टिस करते हैं।
�नोएडा के जिला अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ को रहने की सरकारी सुविधा मिलना काफी अच्छा है। एक रुपये में ब्रिटेन में इलाज संभव नहीं है।
