हिमाचल के कुल्लू जिले में दर्दनाक हादसा पेश आया है। पंजाब के बरनाला से मणिकर्ण साहिब गुरुद्वारा जा रही एक टूरिस्ट बस कुल्लू से 18 किलोमीटर आगे सरसाड़ी के पास पार्वती नदी में गिर गई। तीखे मोड़ पर सड़क चौड़ी न होने से बस का पिछला टायर बाहर निकल गया और बस पार्वती में जा गिरी। राहत कार्य जारी है।
शुक्रवार को 1 बजे तक दो शव और मिले हैं। इनमें एक शव घटनास्थल पर जबकि दूसरा हूरला के पास व्यास नदी के किनारे मिला है। अब तक नौ लोगों के शव मिल चुके हैं। पानी का वेग इतना तेज है कि कोई भी नदी में उतरने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा। 52 सीटर बस में बच्चों समेत लगभग 61 सवारियां बताई जा रही हैं। सभी लोग पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों से बताए जा रहे हैं।
वीरवार रात तक सात शव ही नदी से निकाले जा सके थे। 29 लोगों के बहने की आशंका है। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से 23 लोगों को नदी से निकाला गया है। रेस्क्यू अभियान जारी है। बरसात होने के चलते पार्वती नदी पूरे उफान पर है। बस पूरी तरह से नदी में डूब चुकी है। कई किमी नीचे भी ग्रामीणों ने शव बहते देखे।
पुलिस और जिला प्रशासन मौके पर पहुंच गया है। पुलिस के अनुसार 52 सीटर बस होने के चलते इतनी या इससे ज्यादा सवारियां भी हो सकती हैं। पुलिस के अनुसार पंजाब के बरनाला से मणिकर्ण जा रही बस संख्या पीबी 19 एच 3085 पार्वती नदी में जा गिरी। हादसा उस समय हुआ जब सरसाड़ी के पास बस मोड़ काट रही थी।
बस लंबी होने के कारण उसके पीछे वाले टायर सड़क से बाहर निकल गए और बस पार्वती नदी में समा गई। पुलिस प्रवक्ता और डीएसपी संजय शर्मा ने हादसे की पुष्टि की कि बस 52 सीटर थी। 52 से ज्यादा लोग बस में हो सकते हैं। नदी से निकालकर 23 लोगों को कुल्लू अस्पताल रेफर किया है। चार को गंभीर हालत में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया है। अभी सात शव मिले हैं, अन्य लापता हैं।
हेल्पलाइन नंबर- उपायुक्त कुल्लू राकेश कंवर ने बताया के घायलों के परिजन जिला प्रशासन के अधिकारियों से घटना की जानकारी ले सकते हैं। इसके लिए परिजन जिला प्रशासन के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं। उपायुक्त ने बताया कि 094180-18787, 94180-67223, 94180-89107,94180-74009 और 94180-11118 पर संपर्क कर सकते है।
गौर हो कि 8 जून 2014 को हैदराबाद के एक इंजीनियरिंग कॉलेज के करीब 24 छात्र मंडी के थलोत के पास व्यास नदी में बह गए थे। ये सभी नदी के किनारे तस्वीरें खींच रही थे कि अचानक पानी बढ़ने से बह गए। लारजी जलविद्युत परियोजना जलाशय से पानी छोड़ने के बाद नदी में पानी का स्तर बढ़ गया था।
छात्र इसकी चपेट में आ गए क्योंकि परियोजना अधिकारियों ने अप्रत्यक्ष रूप से बिना किसी चेतावनी के पानी छोड़ दिया था। इन स्ाभी के शव करीब दो माह में मिले थे। हिमाचल हाइकोर्ट ने प्रदेश सरकार को छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने के आदेश दिए थे। हालांकि अफसरों के खिलाफ हुई जांच में उन्हें क्लीन चिट दे दी गई थी।
शुक्रवार को 1 बजे तक दो शव और मिले हैं। इनमें एक शव घटनास्थल पर जबकि दूसरा हूरला के पास व्यास नदी के किनारे मिला है। अब तक नौ लोगों के शव मिल चुके हैं। पानी का वेग इतना तेज है कि कोई भी नदी में उतरने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा। 52 सीटर बस में बच्चों समेत लगभग 61 सवारियां बताई जा रही हैं। सभी लोग पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों से बताए जा रहे हैं।
वीरवार रात तक सात शव ही नदी से निकाले जा सके थे। 29 लोगों के बहने की आशंका है। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से 23 लोगों को नदी से निकाला गया है। रेस्क्यू अभियान जारी है। बरसात होने के चलते पार्वती नदी पूरे उफान पर है। बस पूरी तरह से नदी में डूब चुकी है। कई किमी नीचे भी ग्रामीणों ने शव बहते देखे।
पुलिस और जिला प्रशासन मौके पर पहुंच गया है। पुलिस के अनुसार 52 सीटर बस होने के चलते इतनी या इससे ज्यादा सवारियां भी हो सकती हैं। पुलिस के अनुसार पंजाब के बरनाला से मणिकर्ण जा रही बस संख्या पीबी 19 एच 3085 पार्वती नदी में जा गिरी। हादसा उस समय हुआ जब सरसाड़ी के पास बस मोड़ काट रही थी।
बस लंबी होने के कारण उसके पीछे वाले टायर सड़क से बाहर निकल गए और बस पार्वती नदी में समा गई। पुलिस प्रवक्ता और डीएसपी संजय शर्मा ने हादसे की पुष्टि की कि बस 52 सीटर थी। 52 से ज्यादा लोग बस में हो सकते हैं। नदी से निकालकर 23 लोगों को कुल्लू अस्पताल रेफर किया है। चार को गंभीर हालत में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया है। अभी सात शव मिले हैं, अन्य लापता हैं।
हेल्पलाइन नंबर- उपायुक्त कुल्लू राकेश कंवर ने बताया के घायलों के परिजन जिला प्रशासन के अधिकारियों से घटना की जानकारी ले सकते हैं। इसके लिए परिजन जिला प्रशासन के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं। उपायुक्त ने बताया कि 094180-18787, 94180-67223, 94180-89107,94180-74009 और 94180-11118 पर संपर्क कर सकते है।
गौर हो कि 8 जून 2014 को हैदराबाद के एक इंजीनियरिंग कॉलेज के करीब 24 छात्र मंडी के थलोत के पास व्यास नदी में बह गए थे। ये सभी नदी के किनारे तस्वीरें खींच रही थे कि अचानक पानी बढ़ने से बह गए। लारजी जलविद्युत परियोजना जलाशय से पानी छोड़ने के बाद नदी में पानी का स्तर बढ़ गया था।
छात्र इसकी चपेट में आ गए क्योंकि परियोजना अधिकारियों ने अप्रत्यक्ष रूप से बिना किसी चेतावनी के पानी छोड़ दिया था। इन स्ाभी के शव करीब दो माह में मिले थे। हिमाचल हाइकोर्ट ने प्रदेश सरकार को छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने के आदेश दिए थे। हालांकि अफसरों के खिलाफ हुई जांच में उन्हें क्लीन चिट दे दी गई थी।
