Education Budget 2022:
बजट 2022 को लोग अलग-अलग धारणाएं बनाए हुए हैं। बहुत से लोग इस बजट को 5 राज्यों में हो रहे चुनावों से जोड़कर भी देख रहे हैं। हो सकता है बजट में इन राज्यों को विशेष पैकेज मिल जाए, लेकिन इनमें भी शिक्षा क्षेत्र का एक निश्चित कोटा तय होगा। शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ इस क्षेत्र के विकास और सुधार के लिए विभिन्न मांगों को इस बार पूरा किये जाने की उम्मीद कर रहे हैं। विशेषज्ञ बजट का इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि बजट 2022 और एनईपी 2022 में तालमेल अच्छे से बैठ जाए।
डिजिटल शिक्षा
कोरोना जैसी महामारी में शिक्षा से दूरी नहीं हो और शिक्षा ऑनलाइन माध्यम से जारी रहे। इसके लिए सरकारी विद्यालयों के इसके अनुकूल बनाना होगा। डिजिटल शिक्षा के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार को आर्थिक रूप से गरीब बच्चों के लिए भी व्यवस्था करनी होगी। बजट में दूरगामी क्षेत्रों में पढ़ाई का स्तर सुधारने के लिए अलग से राशि आवंटित किये जाने की भी संभावना है।
केंद्रीय बजट 2022 के मुख्य पहलुओं में से एक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुसार आगे की योजनाओं पर फोकस करना। एनईपी 2020 के आने से शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आया है। हालांकि, केंद्रीय बजट 2021 की में आवंटित राशि के अनुसार, विशेषज्ञों का मानना है कि एनईपी 2020 में बताए गए सुधारों पूरी तरह से लागू कर पाना संभव नहीं है।
2021 में शिक्षा के बजट में 2020 के मुकाबले 6% की कमी देखी गई थी। इसलिए, शिक्षा क्षेत्र इस गिरावट के कारण अपनी बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ रहा। हो सकता है कि इस साल विशेषज्ञ 2021 के 3.5% की तुलना में बजट को जीडीपी के कम से कम 6% तक बढ़ाने के लिए जोर दे रहे हैं। ताकि उद्योगों के सामने आने वाली समस्याओं से निपटा जा सके। जीडीपी आवंटन में 6% की वृद्धि भी नीति आयोग की सिफारिशों के अनुसार ही होगी।
महामारी के चलते शिक्षा बहुत प्रभावित हुई है। इससे बचने के लिए स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय अपने स्तर पर शिक्षा संचार के ऑनलाइन साधनों में लग गए। हालांकि, इस बदलाव के परिणामस्वरूप कई भारतीयों के सामने डिजिटल डिवाइड का दायरा बढ़ता गया। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों को इसका नुकसान भी हुआ।
Budget 2022 and NEP 2020
राष्ट्रिय शिक्षा नीति 2020 के लिए आगामी 10 साल के रोड मैप की जरूरत है जो एनईपी 2020 के कार्यान्वयन के लिए आगे का रास्ता स्पष्ट करेगा। हमें इसके लिए एक बहुत ही मजबूत बजट की जरूरत है। इसके लिए हमें अन्य खर्चों में कटौती करनी होगी, भारत में भविष्य के लिए शिक्षा बजट में अधिक राशि आवंटित करनी होगी।
]]>