वीरेंद्र गहवई, बिलासपुर:
छत्तीसगढ़ में बिलासपुर पुलिस ने नाबालिक बच्चों का अपहरण कर शादी के लिए बिक्री करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने महिला समेत 5 आरोपी गिरफ्तार किये हैं। आरोपियों के नागपुर व राजस्थान के कई जिलों से तार जुड़े हुए थे। पुलिस की विशेष टीम ने नाबालिक बालिका को अजमेर राजस्थान से बरामद किया और आरोपियों के कब्जे से 65 हजार रुपये नगद व 6 नग मोबाईल जप्त कर कार्रवाई कर रही है।
मामले का खुलासा करते हुए बिलासपुर एसएसपी पारुल माथुर ने बताया, कि नवंबर 21 में बिलासपुर के कोतवाली थाने में नाबालिक की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। परिवार वालों ने उसकी भाभी पर शक जाहिर करते हुए बच्चे को ले जाने की शिकायत की थी जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच पड़ताल की थी।
ऐसे हुआ खुलासा
लगातार बदलते लोकेशन की वजह से शुरू में पुलिस को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था लेकिन जब बारीकी से छानबीन की गई तो मामले का खुलासा हुआ। नाबालिक की आरोपित भाभी ज्योति गुप्ता उसे बहला-फुसलाकर नागपुर ले गई थी, जहां उसकी मुलाकात कुछ अन्य लोगों से हुई ।
राजस्थान में किया सौदा
ज्योति ने उन लोगों के साथ मिलकर नाबालिक का फर्जी आधार कार्ड बनवाया, जिसके बाद उसे लेकर राजस्थान के किशनगढ़ पहुंचे। वहां उन्होंने रतन प्रजापति नामक आदमी से 2 लाख लेकर नाबालिक की जबरदस्ती शादी करवा दी। शादी से पहले आरोपी नंद किशोर शर्मा ने नाबालिक के साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया था शादी के बाद रतन प्रजापति ने भी नाबालिक के साथ अनाचार किया।
पुलिस ने आरोपी ज्योति गुप्ता, रुकसार खान, आकाश सिरवाते, नीरज चापड़े, नंदकिशोर शर्मा उर्फ पंडित को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। आरोपियों के कब्जे से नगदी रकम 65000 रुपये, 4 टच स्क्रीन मोबाईल, 2 की-पैड मोबाईल जप्त किया गया है। प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है।
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